वरिष्ठ नेता प्रेम गर्ग बोले- आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को तब तक उठाती रहेगी जब तक सार्वजनिक धन की एक-एक पाई सुरक्षित नहीं हो जाती और इस कथित घोटाले के सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में नहीं लाया जाता
CHANDIGARH, 12 MARCH (ANewsoffice): पुलिस में शिकायत जाने के बाद सामने आए चंडीगढ़ नगर निगम के 116.84 करोड़ रुपए के कथित ‘घोस्ट’ फिक्स्ड डिपॉजिट घपले को लेकर राजनीतिक दलों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली को अपने निशाने पर ले लिया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम गर्ग ने इस मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए पूरे मामले की तत्काल CBI जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके।
प्रेम गर्ग ने सवाल उठाया कि नगर निगम के अधिकारियों ने सार्वजनिक धन को निजी बैंक IDFC फर्स्ट बैंक में क्यों जमा किया, जबकि आमतौर पर ऐसे बड़े सरकारी फंड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) या पंजाब नेशनल बैंक (PNB) जैसे राष्ट्रीयकृत बैंकों में रखे जाते हैं, जिन्हें अधिक सुरक्षित माना जाता है। उन्होंने प्रशासन से यह स्पष्ट करने को कहा कि इस खाते को खोलने की अनुमति किसने दी और किसके निर्देश पर निजी बैंक में यह जमा राशि रखी गई। प्रेम गर्ग ने यह भी कहा कि नगर निगम के अधिकारियों द्वारा यह दावा करना कि बैंक ने पूरा पैसा वापस कर दिया है, भ्रामक और गलत है।
गर्ग ने कहा कि यह राशि संभवतः कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक लियन (lien) के तहत रह सकती है और अदालत या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना इसे जारी नहीं किया जा सकता। ऐसी कानूनी प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं, जिससे यह धन व्यावहारिक रूप से अभी भी अवरुद्ध है और सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं है। प्रेम गर्ग ने नगर निगम की उस कार्यप्रणाली की भी आलोचना की जिसमें पिछले कई घोटालों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पेड पार्किंग घोटाला, CITCO का फर्जी बैंक गारंटी मामला, और रेहड़ी-फड़ी वालों से प्रवर्तन कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली का उल्लेख करते हुए कहा कि इन अधिकांश मामलों में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई गंभीर कार्रवाई नहीं हुई, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। प्रेम गर्ग ने कहा कि चंडीगढ़ की जनता पारदर्शिता और जवाबदेही की हकदार है। सार्वजनिक धन का इस प्रकार दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच CBI को सौंपी जाए। धन के दुरुपयोग में शामिल सभी अधिकारियों और व्यक्तियों की तुरंत पहचान की जाए। जिन खातों में यह राशि स्थानांतरित हुई है, उनके जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। नगर निगम की सभी जमा राशियों और वित्तीय लेन-देन का पूर्ण ऑडिट कराया जाए। प्रेम गर्ग ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को तब तक उठाती रहेगी जब तक सार्वजनिक धन की एक-एक पाई सुरक्षित नहीं हो जाती और इस कथित घोटाले के सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में नहीं लाया जाता।

