चंडीगढ़ कांग्रेस नीतिहीन और नेताहीन पार्टी बनकर रह गई है, अगला मेयर भाजपा का ही बनेगा: जतिंदर मल्होत्रा
CHANDIGARH, 18 JANUARY: चंडीगढ़ प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष पूनम शर्मा व सुभाष शर्मा के प्रयासों से आज कई कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहकर भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि आज चंडीगढ़ के मेयर चुनाव को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच भाजपा ने जिस तरह अचानक कई कांग्रेसियों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी, उससे कांग्रेस में हड़कंप मच गया था। कयास लगाए जा रहे थे कि कहीं कोई कांग्रेस पार्षद या कांग्रेस का कोई बड़ा नेता तो भाजपा में शामिल होने नहीं जा रहा लेकिन शाम पांच बजे सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय में जब ये ज्वाइनिंग हुई तो भाजपा ज्वाइन करने वालों में कोई बड़ा चेहरा नहीं दिखा। इससे कांग्रेस ने भी राहत की सांस ली।
चंडीगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कांग्रेस से आए लोगों को पार्टी का पटका पहनाकर उनका स्वागत किया और उन्हें पार्टी में पूरा मान सम्मान दिलाने का वायदा किया। इस अवसर पर मल्होत्रा ने कहा कि चंडीगढ़ की जनता देख रही है कि किस तरह से आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी कहा था और इसके नेताओं को झूठे मुकदमे बनाकर जेलों में डालने का कार्य किया, उसी कांग्रेस के नेता अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं और मौकापरस्ती के चलते कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को अनदेखा कर आम आदमी पार्टी नेतृत्व की चाटुकारिता में लगे हुए हैं।
मल्होत्रा ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी सकारात्मक विरोधी दल की भूमिका नहीं निभाई है। मल्होत्रा ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिया कि चंडीगढ़ कॉर्पोरेशन में अगला महापौर भाजपा का ही बनेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश और चंडीगढ़ का विकास निरंतर जारी रहेगा।
आज भाजपा में शामिल हुए नेताओं में एडवोकेट अनिल शर्मा, कुंदन सिंह, शिवम, कुंवरबीर सिंह, नरिंदर पाल, नीरज, गुरजिंदर सिंह, कुलजीत सिंह, अनमोलप्रीत सिंह, करण, मणि, अनिल वर्मा, अजय कुमार, अंकिता, ईशा रानी, कामनी राणा, अनिता, गीता देवी, ममता, चिंतराम प्रमुख हैं।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पूनम शर्मा, दविंदर सिंह बबला, कैलाश चंद जैन व प्रदेश महामंत्री हुकुम चंद विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आज भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस कार्यकर्ता पवन कुमार बंसल से बेहद नाराज थे। इन कार्यकर्ताओं ने कहा कि पवन बंसल के ही कारण चंडीगढ़ में कांग्रेस इतनी कमजोर हो गई और नगर निगम में पार्षदों की संख्या घटकर 7 रह गई लेकिन अभी भी पवन बंसल अपने राजनीतिक स्वार्थ में कांग्रेस को कमजोर करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज पवन बंसल ने पूरी पार्टी को आम आदमी पार्टी को बेच दिया है और दिल्ली के नेता राघव चढ्ढा से समझौता करके पंजाब के मुख्यमंत्री के यहां जाकर चरणबंदन कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस के नेताओं को पीटा और अपमानित किया जा रहा है। उनके मकानों पर कब्जे किये जा रहे हैं और पवन बंसल ने पार्टी को उन्हीं के पास गिरवी रख दिया है। वो ऐसा सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि अपने बल पर वे लोकसभा का चुनाव नहीं जीत सकते हैं।

