विहिप पंजाब ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग को लेकर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

पश्चिम बंगाल सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए राज्य में शासन व्यवस्था के पतन और हिंदुओं के संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया

CHANDIGARH, 17 APRIL: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर भारत के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में राष्ट्रपति से पश्चिम बंगाल में तत्काल हस्तक्षेप कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल में विहिप पंजाब के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता, महासचिव सुनील दत्त, उप महासचिव प्रशांत जोशी और विशेष संपर्क प्रमुख प्रदीप शर्मा शामिल थे।

ज्ञापन में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद सहित अन्य जिलों में कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति को रेखांकित किया गया है, जहां हाल की हिंसक घटनाओं में हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं। मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों का हवाला देते हुए विहिप ने राज्य प्रशासन की विफलता की कड़ी निंदा की है और कहा है कि प्रशासन सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रहा है।

विहिप पंजाब इकाई की प्रमुख मांगों में भारत के संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति द्वारा तत्काल हस्तक्षेप करना, पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करना, मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच, शांति बहाल करने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती व हिंसा पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास की मांग शामिल है।

विहिप ने ज्ञापन में पश्चिम बंगाल सरकार की कथित उदासीनता और तुष्टिकरण की राजनीति की कड़ी आलोचना करते हुए राज्य में शासन व्यवस्था के पतन और हिंदुओं के संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया है। विहिप पंजाब के नेताओं ने हिंदू समुदाय की सुरक्षा और गरिमा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और कानून व्यवस्था व संवैधानिक मर्यादा बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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