कहा- आधुनिक चिकित्सा शैली में रोग को दबाया जाता है, जबकि प्राकृतिक चिकित्सा में जड़ से समाप्त की जाती है बीमारी
CHANDIGARH, 21 MAY: प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग (NDDY) की परीक्षाओं में रचना सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। गांधी नेशनल एकेडमी ऑफ नेचुरोपैथी नई दिल्ली द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह में उन्हें गोल्ड मेडल एवं स्मृति चिन्ह तथा डिग्री देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश भगत विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉक्टर जोरा सिंह एवं गांधी स्मारक प्राकृतिक चिकित्सा समिति नई दिल्ली के मंत्री डॉक्टर पुनीत मलिक ने दिया। डॉ. रचना सिंह ने बताया कि उन्होंने गांधी नेशनल अकादमी नई दिल्ली द्वारा संचालित साढ़े तीन वर्षीय प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का कोर्स किया। है.

डॉ. रचना सिंह ने बताया कि वह अपने ऊपर प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग को अप्लाई करती हैं। नियमित योग-अभ्यास करती हैं और अगर कोई बीमारी होती है तो नेचुरोपैथी के द्वारा ही ठीक कर लेती हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा शैली में बीमारी को दबाया जाता है लेकिन प्राकृतिक चिकित्सा में बीमारी को जड़ से समाप्त किया जाता है। इसमें रोग क्यों हुआ, उसके कारण पर जोर दिया जाता है तथा शरीर की शुद्धि करके रोग को दूर किया जाता है। ऐसा करने से रोग बार-बार वापस नहीं आता। उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को प्राकृतिक चिकित्सा और योग को अपनाना चाहिए, ताकि वह स्वस्थ रह सके।
इस अवसर पर डॉ. देवराज त्यागी, डॉक्टर हरीश यादव (हिसार), प्रीति गोयल, रुपिंदर कौर, डॉ. जसमीत सिंह बेदी, डॉ. आदित्य भारद्वाज, डॉ. एचसी गुप्ता, मुकेश कुमार अग्रवाल, नरेश शर्मा, अमित, रमा देवी, विक्की ,दीपक क्षेत्रपाल, मनोज, वीरभान, अमरदीप कौर ,प्रवेश कुमार गौड़ ,अवतार सिंह, राजेश कुमारी, संजीव दिलावरी, अल्पना शर्मा, नीतू शर्मा आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

