प्रशासक गुलाब चंद कटारिया क्या अब CPDL पर लेंगे कोई एक्शन ?
CHANDIGARH, 22 MAY: चंडीगढ़ की डिप्टी मेयर ओर कांग्रेस पार्षद तरुणा मेहता शहर में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी CPDL पर आज जमकर बरसीं। यहां तक कि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को शिकायती पत्र भेजकर कह दिया है कि चंडीगढ़ के बिजली विभाग को चला रही निजी कंपनी CPDL अपने कार्यकाल के महज तीन महीनों में ही फेल हो गई है। तरुणा मेहता ने कहा कि जब से बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी CPDL को सौंपी गई है, तब से बिजली सेवाओं की स्थिति गंभीर रूप से खराब हो गई है। बार-बार और लंबे समय तक बिजली गुल होना रोज की समस्या बन गई है, मेरे वार्ड-18 (सेक्टर-20 ओर 30) के निवासी पिछले एक महीने से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। शहर के अलग-अलग सेक्टरों से आ रही बिजली संबंधी शिकायतों से ये स्पष्ट होता है कि शहरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे प्रतीत होता कि ये कंपनी महज पैसे कमाने के लिए काम कर रही है।
डिप्टी मेयर ने कहा कि पेड़ों की प्रूनिंग के समय व स्ट्रीट लाइट खराब होने के समय व अन्य तत्काल कंप्लेंट के समय कंपनी नगर निगम के किसी भी अधिकारी के साथ किसी तरह का कोई तालमेल नहीं बना रही और न ही सहयोग कर रही है। बिजली की समस्या की रिपोर्ट करने के लिए न कोई स्पष्ट व्यवस्था है, न कोई नियमित कर्मचारी या उत्तरदायी अधिकारी है, जिनसे लोग मदद या समाधान के लिए संपर्क कर सकें। लोक दिखावे के लिए बनाए गए हेल्पलाइन नंबर पर कोई कॉल रिसीव नहीं करता है, अगर कॉल रिसीव कर भी ले तो कंज्यूमर के साथ अभद्र भाषा में बात की जाती है। खुद कंप्लेंट कराने जाएं तो कर्मचारी नहीं होते, न ही इसकी कोई जवाबदेही है। जवाबदेही की इस पूरी कमी ने चंडीगढ़ निवासियों को असहाय बना दिया है।
तरुणा मेहता ने प्रशासक से कहा है कि अभी गर्मी और बढ़ने वाली है, उसके बाद मानसून आएगा तब क्या होगा ये गहन विचार करने का विषय है। अभी से CPDL को बिजली की व्यवस्था संभाली नहीं जा रही तो आने वाले समय में क्या होगा। महज तीन/चार महीनों में ये कंपनी शहर को सर्विस देने में पूर्णतया फेल हो गई है और ये कंपनी शिकायतों को संभालने में भी अनुत्तरदायी और गैर-जिम्मेदार प्रतीत हो रही है। मेहता ने कहा कि निजीकरण से पहले चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन प्रबंधित बिजली सेवाएं तुलनात्मक रूप से अधिक विश्वसनीय और जवाबदेह थीं। निजीकरण से समस्याएं हल होने के बजाय और बढ़ गई हैं।
डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से कहा है कि इस पत्र के माध्यम से मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करती हूं कि कृपया इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें। हम आग्रह करते हैं कि बिजली सेवाओं की जिम्मेदारी चंडीगढ़ प्रशासन को वापस दी जाए, ताकि जनता को पारदर्शिता, जवाबदेही और कुशल सेवा सुनिश्चित हो सके।

