पठानिया परिवार ने ईको-फ्रेंडली गणपति के साथ मनाई गणेश चतुर्थी

भगवान भाव के भूखे: रविंद्र पठानिया

CHANDIGARH, 29 AUGUST: पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र पठानिया के निवास पर गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गणपति बप्पा को विधि-विधान से विराजमान किया गया और संध्या को भजन-आरती का आयोजन हुआ।

11 वर्षों से चली आ रही परंपरा

रविन्द्र पठानिया ने बताया कि यह परंपरा गत 11 वर्षों से उनके परिवार में चली आ रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में उनके बेटे भव्य और बेटी तविषि की इच्छा पर यह आयोजन प्रारंभ हुआ और तब से हर वर्ष परिवार पूरे श्रद्धाभाव से गणपति बप्पा का स्वागत करता है।

ईको-फ्रेंडली गणपति
उन्होंने कहा कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हर साल ईको-फ्रेंडली मूर्ति को ही घर लाया जाता है। पूजा-अर्चना में प्रयुक्त भोग और प्रसाद भी घर पर ही शुद्धता से तैयार किए जाते हैं। मंडप और सजावट में भी ऐसे सामान का उपयोग किया जाता है, जो प्रकृति को नुकसान न पहुंचाए।

भगवान भाव के भूखे
पठानिया ने कहा कि गणेश चतुर्थी केवल एक प्रांत का पर्व नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक है। भगवान भाव के भूखे हैं, आप जिस भावना से पूजा करते हैं, उसी भाव से वह स्वीकार करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन में किसी विशेष को आमंत्रित नहीं किया जाता, जो भी श्रद्धालु आते हैं, वह स्वयं गणपति बप्पा की कृपा से पहुंचते हैं।

भक्ति में है ताकत
उन्होंने सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन दस दिनों में भक्ति की शक्ति हर किसी को अनुभव होती है और यही आस्था का सबसे बड़ा प्रमाण है।

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