भारतीय कारोबार जगत के लिए ऐतिहासिक रही 2025 की दीवाली

वस्तु व्यापार में 5.40 लाख करोड़ और सेवा क्षेत्र में 65 हजार करोड़ की रिकॉर्डतोड़ बिक्री हुई: CAIT सर्वे रिपोर्ट

87% उपभोक्ताओं ने भारतीय वस्तुओं को विदेशी वस्तुओं के मुकाबले प्राथमिकता दी, जिससे चीनी उत्पादों की मांग में तेज गिरावट दर्ज की गई: हरीश गर्ग

GST दरों का तर्कसंगत rationalisation उपभोक्ता मांग को बढ़ावा देने में बेहद प्रभावी सिद्ध हुआ है: भीमसेन

Indian Business on Diwali 2025 CHANDIGARH, 21 OCTOBER (ANewsoffice): कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने आज दीवाली त्यौहार बिक्री-2025 की विस्तृत रिसर्च रिपोर्ट जारी की है।CAIT ने यह रिपोर्ट अपनी रिसर्च शाखा CAIT Research and Trade Development Society द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की, जो कि देशभर के 60 प्रमुख वितरण केंद्रों, जिनमें सभी राज्यों की राजधानियां एवं टियर-2 और टियर-3 शहर शामिल हैं, पर आधारित है।

इस रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष दीवाली पर देशभर में कुल बिक्री 6.05 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची, जिसमें 5.40 लाख करोड़ रुपए का वस्तु व्यापार और 65 हजार करोड़ रुपए का सेवा व्यापार शामिल है, जो कि देश के व्यापार इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा त्योहारी कारोबार है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय सचिव एवं चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हरीश गर्ग ने कहा कि यह रिपोर्ट दर्शाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीएसटी दरों में राहत और स्वदेशी अपनाने के ‘मजबूत ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को अभूतपूर्व रूप से प्रेरित किया है। गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी दीवाली’ का आह्वान जनता के बीच गहराई से गूंजा। हरीश गर्ग ने कहा कि 87% उपभोक्ताओं ने भारतीय वस्तुओं को विदेशी वस्तुओं के मुकाबले प्राथमिकता दी, जिससे चीनी उत्पादों की मांग में तेज गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि CAIT के रिसर्च सर्वे में व्यापारियों ने बताया है कि भारतीय निर्मित वस्तुओं की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 25% बढ़ी है।

हरीश गर्ग ने कहा कि दीवाली-2025 के आंकड़े पिछले वर्ष (₹4.25 लाख करोड़) की तुलना में 25% की वृद्धि दर्शाते हैं। मुख्य रूप से गैर-कारपोरेट एवं पारंपरिक बाजारों ने कुल व्यापार में 85% योगदान दिया, जो भारतीय खुदरा बाजारों और छोटे व्यापारियों की शानदार वापसी को रेखांकित करता है। CAIT के चंडीगढ़ चैप्टर के महासचिव भीम सेन, उपाध्यक्ष प्रेम कौशिक, हरिशंकर मिश्रा, पवन गर्ग ने बताया कि CAIT के रिसर्च सर्वे के मुताबिक प्रमुख त्योहारी वस्तुओं का क्षेत्रवार बिक्री प्रतिशत देखें तो किराना एवं एफएमसीजी 12%, सोना-चांदी 10%, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स 8%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 7%, रेडीमेड परिधान 7%, गिफ्ट आइटम 7%, होम डेकोर 5%, फर्निशिंग एवं फर्नीचर 5%, मिठाई एवं नमकीन 5%, वस्त्र 4%, पूजन सामग्री 3%, फल एवं मेवे 3%, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी 3%, फुटवियर 2%, तथा अन्य विविध वस्तुओं की बिक्री 19% रही।

उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र में भी भारी वृद्धि दर्ज हुई और इसमें 65,000 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। पैकेजिंग, हॉस्पिटैलिटी, टैक्सी सेवाएं, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट, टेंट एवं सजावट, मैनपावर और डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व गतिविधि रही, जिससे त्योहारी अर्थव्यवस्था के दायरे का विस्तार हुआ। GST दरों का तर्कसंगत rationalisation उपभोक्ता मांग को बढ़ावा देने में बेहद प्रभावी सिद्ध हुआ है। CAIT के चंडीगढ़ सचिव नरेश गर्ग, कोषाध्यक्ष रमेश सिंगला और संगठन सचिव अजय सिंगला ने कहा कि सर्वे में शामिल 72% व्यापारियों ने माना कि अधिक बिक्री का सीधा कारण जीएसटी दरों में कटौती रही है। उपभोक्ताओं ने भी मूल्य स्थिरता से संतुष्टि व्यक्त की, जिससे त्योहारी खर्च में निरंतरता बनी रही। हरीश गर्ग ने कहा कि व्यापारी और उपभोक्ता भावना पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर पर हैं। ट्रेडर कॉन्फिडेंस इंडेक्स (TCI): 8.6/10 तथा कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स (CCI): 8.4/10 के स्तर पर है। हरीश गर्ग का मानना है कि उपभोग में यह वृद्धि दीर्घकालिक रूप से स्थायी है, जो नियंत्रित मुद्रास्फीति, बढ़ती आय, और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर विश्वास से प्रेरित है।

गर्ग ने बताया कि CAIT की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि यह उत्साहपूर्ण स्थिति सर्दियों, विवाह सीजन और जनवरी के मध्य से शुरू होने वाले अगले त्योहारी दौर तक जारी रहेगी। रोजगार एवं आर्थिक प्रभाव पर हरीश गर्ग ने कहा कि गैर-कारपोरेट एवं गैर-कृषि क्षेत्र, जिसमें 9 करोड़ छोटे व्यापारी और लाखों विनिर्माण इकाइयां शामिल हैं, आज भी भारत की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन हैं। दीवाली-2025 के व्यापार से 50 लाख अस्थायी रोजगार सृजित हुए हैं। ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों ने कुल व्यापार में 28% योगदान दिया, जो महानगरों से परे आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमाण है।

गर्ग ने बताया कि इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार को कई सुझाव दिए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि छोटे व्यापारियों एवं निर्माताओं के लिए जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल किया जाए और क्रेडिट तक पहुंच आसान की जाए, वहीं टियर 2 एवं टियर 3 शहरों में लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग हब विकसित किए जाएं। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर बाजारों का डिजिटलीकरण किया जाए और इसके लिए बैंक कमीशन को समाप्त किया जाए। शहरी बाजारों में यातायात, पार्किंग और अतिक्रमण प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाए। ‘स्वदेशी’ अभियान को सरकार और व्यापार जगत के संयुक्त प्रयास से निरंतर प्रोत्साहित किया जाए। हरीश गर्ग ने कहा कि वर्ष 2025 की दीवाली ऐतिहासिक रही। यह देश की समृद्धि, राष्ट्रवाद और आर्थिक आत्मविश्वास का प्रतीक है। गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का खुदरा व्यापार क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बन चुका है, जो परंपरा, तकनीक और विश्वास का संगम प्रस्तुत करता है।

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