एचएस लक्की ने संस्कृति विभाग के निदेशक को लिखा पत्र: आर्ट, कल्चर, टूरिज्म और हेरिटेज प्रिजर्वेशन कमेटी की इमरजेंसी मीटिंग बुलाने को कहा

चंडीगढ़ में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान पर्यटन संवर्धन पर किए गए सभी खर्चों का विस्तृत ब्योरा मांगा

CHANDIGARH, 16 DECEMBER: चंडीगढ़ के प्रशासक की सलाहकार परिषद की आर्ट, कल्चर, टूरिज्म और हेरिटेज प्रिजर्वेशन कमेटी के चेयरमैन एवं चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने चंडीगढ़ में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान पर्यटन संबंधी गतिविधियों पर किए गए व्यय में पारदर्शिता और जवाबदेही के अभाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। लक्की ने प्रशासन के संस्कृति विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर आर्ट, कल्चर, टूरिज्म और हेरिटेज प्रिजर्वेशन कमेटी की इमरजेंसी मीटिंग बुलाने को कहा है और चंडीगढ़ में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान पर्यटन संवर्धन पर किए गए सभी खर्चों का विस्तृत ब्योरा भी मांगा है। सांसद मनीष तिवारी द्वारा लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में भारत सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देते हुए एचएस लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ में पर्यटन संवर्धन गतिविधियों पर कुल 33.26 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसमें से लगभग 11.84 करोड़ रुपए कलाकारों और अन्य विक्रेताओं को भुगतान के रूप में दर्शाए गए हैं।

हालांकि इस भुगतान का कोई विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। कलाकारों या विक्रेताओं के नाम, प्रत्येक को दी गई राशि, आयोजनों या प्रस्तुतियों की प्रकृति तथा इन खर्चों के उद्देश्य और परिणामों के बारे में कोई जानकारी सांझा नहीं की गई। लक्की ने कहा कि इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि शेष लगभग 22 करोड़ रुपए के उपयोग के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है, जो वित्तीय शुचिता और परिणाम-आधारित व्यय पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। एचएस लक्की ने सार्वजनिक धन के इस अपारदर्शी उपयोग पर चिंता जताई है। लक्की ने संस्कृति विभाग के निदेशक को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर कला, संस्कृति, पर्यटन एवं विरासत संरक्षण उप-समिति की आपात बैठक शीघ्र बुलाने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य उठाए गए मुद्दों पर विचार-विमर्श करना, व्यय के विवरण की गहन जांच करना तथा यह आंकलन करना होगा कि क्या खर्च की गई राशि के अनुरूप वास्तव में कोई सार्थक पर्यटन संवर्धन गतिविधि चंडीगढ़ में की गई है या नहीं। लक्की ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह मामला बड़ी मात्रा में सार्वजनिक धन से जुड़ा है और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनविश्वास के व्यापक हित में तत्काल संस्थागत जांच की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि यह पाया जाता है कि सार्वजनिक धन का उपयोग बिना उचित योजना, निगरानी या शहर को ठोस लाभ पहुंचाए किया गया है तो कमेटी संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने और सुधारात्मक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को एक सुविचारित और परिणामोन्मुख पर्यटन नीति की आवश्यकता है, न कि प्रचार के नाम पर मनमाना या अप्रमाणित खर्च करने की जरूरत है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कमेटी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी गंभीरता और ईमानदारी से करेगी।

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