सेक्टर-8 के डीएवी पब्लिक स्कूल में 300 से अधिक विद्यार्थी बने मुहिम का हिस्सा, पोस्टर मेकिंग व भाषण प्रतियोगिता से दिया ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ संदेश
ध्वनि प्रदूषण के समाधान के लिए नियमित जागरूकता अभियान जरूरी: सुशील डोगरा
CHANDIGARH, 29 APRIL (ANewsoffice): ध्वनि प्रदूषण चंडीगढ़ की नहीं, पूरे देश की गंभीर समस्या है। इस समस्या को स्वीकार सभी करते हैं लेकिन इसके समाधान को लेकर जागरूकता का अभाव है। यह विचार चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति के वैज्ञानिक सुशील डोगरा ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय ध्वनि जागरूकता दिवस के अवसर पर सेक्टर-8 स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में प्रयोग फाउंडेशन और सर्वप्रेम फाउंडेशन द्वारा ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध शुरू किए गए जागरूकता अभियान ‘ध्वनि-द पीस’ को लांच करने के बाद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। सुशील डोगरा ने कई उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को बताया कि ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए बाकायदा नियम व कानून बने हुए हैं।
परीक्षा के दिनों में ध्वनि प्रदूषण से होने वाली परेशानी से छुटकारा पाने के लिए बच्चे डायल 112 पर सूचित कर सकते हैं। उन्होंने प्रयोग फाउंडेशन तथा सर्वप्रेम फाउंडेशन के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान को नियमित रूप से चलाया जाए तो सिटी ब्यूटीफुल को ध्वनि प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है। सुशील डोगरा ने कार्यक्रम में शामिल स्कूली बच्चों तथा अन्य प्रतिभागियों को ध्वनि प्रदूषण न फैलाने को लेकर शपथ भी दिलाई। स्कूल में 300 से अधिक विद्यार्थी इस मुहिम का हिस्सा बने। कार्यक्रम के दौरान ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्राची बराक ने एक प्रस्तुति के माध्यम से ध्वनि प्रदूषण के कारण बच्चों में हो रही बीमारियों तथा इसके बचाव के बारे में बताया।
स्कूल प्रिंसिपल मनतोष पाल सिंह ने बच्चों में हैडफोन लगाकर पढ़ाई करने की आदत पर चिंता जताई और बताया कि कैसे अशोक का पेड़ ध्वनि प्रदूषण को रोकने में सहायक होता है। अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. रोमिका वढेरा ने बताया कि कैसे यह प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई गई। सर्वप्रेम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. प्रेम ओझा ने कहा कि आने वाले दिनों में चंडीगढ़ ट्राइसिटी के स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में इस तरह के कार्यक्रम कर अधिक से अधिक बच्चों तथा युवाओं को मुहिम में शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूकता के लिए स्कूल में पेंटिंग प्रतियोगिता व बच्चों की भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। पोस्टर मेकिंग में सिया व रूहानी तथा भाषण प्रतियोगिता में मालविका तथा युग को विजेता घोषित किया गया। इस आयोजन में सेवानिवृत्त प्रिंसिपल आराधना ओझा, डॉ. अशोक वढेरा तथा साहित्यकार सीमा गुप्ता ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। इस अवसर पर प्रयोग फाउंडेशन चंडीगढ़ के अध्यक्ष नितेश महाजन, फायर अवेयरनेस एन्ड सेफ्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष जसजोत सिंह अलमस्त, ध्वनि द पीस की प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर डॉ. कविता शर्मा, संजय ओझा, सृजन समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

