चंडीगढ़ में AAP की फजीहत: निगम के ठेकेदार से मारपीट पर आम आदमी पार्टी के पार्षद के विरुद्ध FIR दर्ज

ठेकेदार ने आरोपी पार्षद पर लगाया पैसे मांगने का भी इल्जाम

CHANDIGARH, 7 JULY: पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के एक मंत्री पर भ्रष्टाचार के दाग लगने के बाद चंडीगढ़ में भी AAP के पार्षद विवादों में घिरते जा रहे हैं। पिछले दिनों जहां दो AAP पार्षदों के ऑडियो वायरल हो चुके हैं, वहीं आज एक अन्य AAP पार्षद पर नगर निगम के ठेकेदार से मारपीट की एफआईआर दर्ज हो गई। इस पार्षद का नाम रामचंद्र यादव है, जो कि दिसम्बर-2021 के चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में वार्ड-15 से आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद चुने गए थे। ठेकेदार ने उन पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाया है। हालांकि यह घटना 2 जुलाई को हुई लेकिन जांच के बाद पुलिस ने आरोपी AAP पार्षद रामचंद्र यादव और अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर आज दर्ज की है। इससे पार्षद रामचंद्र यादव की मुश्किले बढ़ गई हैं। पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद शहर की सियासत भी गर्मा गई है। 

मारपीट में घायल हुआ ठेकेदार प्रदीप बंसल व ड्राइवर
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

आईपीसी की धारा 323 और  342 और 34 के तहत केस दर्ज किया हुआ है।धारा 323 किसी को जानबूझकर चोटिल करने से जुड़ी है। इस मामले में अधिकतम 1 साल कैद की सजा या 1 हजार रुपए जुमार्ना अथवा दोनों शामिल हैं। वहीं धारा 342 किसी को गलत तरीके से कैद में रखने से जुड़ी है। इसमें भी अधिकतम 1 साल कैद या 1 हजार रुपए जुमार्ना अथवा दोनों शामिल हैं। वहीं धारा 34 सांझे इरादे की है।

यह था मामला

चंडीगढ़ के वार्ड नंबर-15 से पार्षद राम चंद्र यादव घटना के समय धनास के कम्युनिटी सेंटर में थे। शाम को उनसे मिलने फर्नीचर ठेकेदार प्रदीप बंसल आया था। वह अपने नगर निगम में दिए फर्नीचर के बिल क्लीयर करवाना चाहता था, जो रुके हुए थे। पार्षद का कहना है कि उसके बिल इसलिए रुके हुए थे, क्योंकि सप्लाई किए गए फर्नीचर में खराबी थी। नगर निगम अफसरों ने उसके बिल क्लीयर करने थे। उसमें उनका (पार्षद) कोई रोल नहीं था। कम्युनिटी सेंटर में ठेकेदार प्रदीप बंसल और पार्षद रामचंद्र यादव के बीच बहस हो गई। ठेकेदार का आरोप है कि पार्षद रामचंद्र यादव और उनके साथियों ने ठेकेदार और उनके ड्राइवर के साथ जमकर मारपीट की। इसके बाद सारंगपुर थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दी और एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया था। हालांकि पुलिस ने केस की गहराई से जांच के बाद पार्षद रामचंद्र यादव की गलती पाई और उस पर केस दर्ज कर लिया है। एफआईआर में ठेकेदार प्रदीप बंसल ने पार्षद रामचंद्र यादव पर पैसे मांगने का भी आरोप लगया है।

पढ़ें: एफआईआर में क्या-क्या कहा गया?

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