एसएसपी से किया अनुरोध: सभी थानों को निर्देशित करें कि वे एजेंट्स व पीड़ितों के बीच मध्यस्थ की भूमिका न निभाएं, बल्कि कानून प्रवर्तन का अपना वैधानिक दायित्व निभाएं।
आम नागरिकों से की अपील: अवैध इमीग्रेशन एजेंट्स से सतर्क रहें। अपना पासपोर्ट, बैंक विवरण या व्यक्तिगत दस्तावेज अनधिकृत व्यक्तियों को न दें। यदि कोई धोखाधड़ी करता है तो तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें।
CHANDIGARH, 25 SEPTEMBER (ANewsoffice): पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट उज्ज्वल भसीन ने आज चंडीगढ़ एसएसपी को एक शिकायत भेजकर चंडीगढ़ में सक्रिय अवैध इमीग्रेशन एजेंट्स एवं कार्यालयों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि चंडीगढ़ में अवैध रूप से कार्यरत अनेक इमीग्रेशन एजेंट्स/ऑफिस लगातार कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। वे गैरकानूनी तरीके से ग्राहकों के पासपोर्ट, व्यक्तिगत दस्तावेज एवं अन्य संवेदनशील जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं, जिससे उनके दुरुपयोग व धोखाधड़ी की संभावना बढ़ रही है। एडवोकेट उज्ज्वल भसीन ने कहा कि ये इमीग्रेशन एजेंट्स/ऑफिस झूठे वायदे करके वर्क परमिट, वीजा तथा विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
कई शिकायतों से यह स्पष्ट हुआ है कि ये एजेंट्स ग्राहकों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं, उनके लॉगिन विवरण अपने पास रखते हैं और बाद में उन खातों का धोखाधड़ी वाले लेन-देन में दुरुपयोग करते हैं, जिससे ग्राहकों को भारी आर्थिक हानि होती है। एडवोकेट उज्ज्वल भसीन ने कहा कि अतीत में अनेक एजेंट्स बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करके फरार हो गए और पीड़ित लोग पुलिस की कार्रवाई पर निर्भर रह गए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश, कई मामलों में स्पष्ट धोखाधड़ी होने पर भी पुलिस अधिकारी भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई करने की बजाय केवल पीड़ितों व एजेंट्स के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं। इससे ऐसे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है और जनता का कानून-व्यवस्था पर से विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि बार-बार धोखाधड़ी उजागर होने के बावजूद इन कार्यालयों का संचालित रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और अन्य अवैध एजेंट्स को भी इसी प्रकार की गतिविधियां करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
एडवोकेट उज्ज्वल भसीन ने एसएसपी से आग्रह किया है कि बिना लाइसेंस कार्यरत इमीग्रेशन एजेंट्स की गतिविधियों पर तुरंत संज्ञान लें। छापेमारी कर उनका निरीक्षण एवं सत्यापन करवाएं तथा विदेश मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लाइसेंस, दस्तावेज व गतिविधियों की सख्त पालना सुनिश्चित करवाएं। इसके अलावा धोखाधड़ी, मिथ्या प्रस्तुति तथा ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग करने वाले एजेंट्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत कठोर आपराधिक कार्रवाई शुरू करें। एडवोकेट उज्ज्वल भसीन ने एसएसपी से यह भी अनुरोध किया है कि वह सभी थानों को निर्देशित करें कि वे एजेंट्स व पीड़ितों के बीच मध्यस्थ की भूमिका न निभाएं, बल्कि कानून प्रवर्तन का अपना वैधानिक दायित्व निभाएं। उन्होंने आम नागरिकों को भी सावधान करते हुए उनसे अपील की है कि वे अवैध इमीग्रेशन एजेंट्स से सतर्क रहें। क्योंकि ऐसे एजेंट्स केवल झूठी उम्मीदें दिखाकर पैसे ऐंठते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कभी भी अपना पासपोर्ट, बैंक विवरण या व्यक्तिगत दस्तावेज अनधिकृत व्यक्तियों को न दें। यदि कोई एजेंट धोखाधड़ी करता है तो शिकायत दर्ज कराने में हिचकिचाएं नहीं। तत्काल पुलिस को रिपोर्ट करें, ताकि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके।

