नारी शक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाने के प्रयास निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण, विरोधी ताकतों को करारा जवाब देंगी देश की महिलाएं: हरीश गर्ग

कहा-देश हित से जुड़े निर्णयों में महिलाओं की सक्रिय व समुचित भागीदारी के बिना राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं

CHANDIGARH, 18 APRIL (ANewsoffice): कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सचिव हरीश गर्ग ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर रखे गए तीन संशोधन विधेयक पारित न हो पाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश की नारी शक्ति का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ संकीर्ण सोच वाली विपक्षी पार्टियों द्वारा महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने के प्रयास निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। गर्ग ने एक बयान जारी कर कहा कि भारत वह देश है, जहां नारी को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसके बावजूद कुछ राजनीतिक दल महिलाओं के प्रति नकारात्मक और अपमानजनक दृष्टिकोण रखते हैं, जो उनकी मानसिकता को उजागर करता है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिलाएं केवल रसोई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण बोध है, चाहे वह विधानसभा हो या लोकसभा। आज की नारी घर की सीमाओं से आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय एवं निर्णायक भूमिका निभा रही है। हरीश गर्ग ने कहा कि स्कूल से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक, घर से लेकर हिमालय की ऊंची चोटियों तक, बीमारी से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था तक, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है, जहां महिलाओं की समझ, भागीदारी और योगदान न हो। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विधेयक समय पर पारित हो गया होता तो भारत की प्रगति नई ऊंचाइयों को छू चुकी होती किंतु महिला विरोधी मानसिकता के कारण इसे लंबे समय तक रोके रखा गया। हरीश गर्ग ने कहा कि अब देश की महिलाएं इस मानसिकता को भली-भांति समझ चुकी हैं और वे अपने आत्मबल व संकल्प के आधार पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। गर्ग ने कहा कि देश की महिलाएं अपनी शक्ति को अब अच्छी तरह जानती-पहचानती हैं और लोकतांत्रिक माध्यमों से विरोधी ताकतों को करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल मतदाता नहीं हैं, बल्कि देश की प्रगति और भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं।

हरीश गर्ग ने कहा कि नारी सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देना हम सभी की जिम्मेदारी है और देश हित से जुड़े निर्णयों में महिलाओं की सक्रिय व समुचित भागीदारी के बिना राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है।

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