सांसद संधू व पूर्व मेयर अनूप गुप्ता द्वारा तीन गुना प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ हस्ताक्षर न करने से भाजपा की नीयत और नीति हुई उजागरः डिप्टी मेयर

भाजपा नेताओं को सिर्फ फोटो सेशन या अखबारों की सुर्खियों में रहने से मतलब रह गया हैः तरुणा मेहता

CHANDIGARH, 21 APRIL: सेक्टर-21 के कम्युनिटी सेंटर में क्राफ्ड द्वारा कल आयोजित की गई एक बैठक में तीन गुना प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया लेकिन इस बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद भाजपा के राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू व पूर्व मेयर अनूप गुप्ता द्वारा हस्ताक्षर न किए जाने को डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने आड़े हाथ लिया है। तरुणा मेहता ने कहा कि सांसद सतनाम सिंह संधू व पूर्व मेयर अनूप गुप्ता द्वारा हस्ताक्षर करने से मना करना भाजपा की नीयत और नीति को उजागर करता है। मेहता ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि बीजेपी के राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू व पूर्व मेयर अनूप गुप्ता से लेकर वर्तमान मेयर हरप्रीत कौर और भाजपा पार्षद तक खुद चाहते हैं कि चंडीगढ़ में लोगों पर टैक्स बढ़ाए जाने चाहिए।

डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स में वृद्धि के लिए पहले मेयर द्वारा नगर निगम हाउस की मीटिंग में एजेंडा लाना, फिर प्लानिंग से इसे रिजेक्ट करना तथा टैक्स लगाने के लिए प्रशासन का कानूनी रास्ता खोलना यही दर्शाता है कि प्रॉपर्टी टैक्स में तीन गुना बढ़ोत्तरी भाजपा व चंडीगढ़ प्रशासन की मिलीभगत से की गई है। इसका कांग्रेस द्वारा सड़क से निगम सदन तक जबरदस्त विरोध देखते हुए यूटर्न लेने वाली मेयर और बीजेपी के पार्षदों द्वारा पद से इस्तीफा देने का शिगूफा छोड़ने के बाद अब भाजपा के राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू और पूर्व मेयर अनूप गुप्ता ने तीन गुना प्रॉपर्टी टैक्स के खिलाफ हस्ताक्षर से मना करके भाजपा के जनविरोधी नीतियों में शामिल होने का पुख्ता प्रमाण दे दिया है।

तरुणा मेहता ने कहा कि शहर की जनता को लगातार टैक्सों के बोझ तले दबाया जा रहा है। एक के बाद एक टैक्स चंडीगढ़ की जनता पर थोपे जा रहे हैं। कभी कलेक्टर रेट बढ़ाना, तीन गुना प्रॉपर्टी टैक्स, पांच प्रतिशत पानी का सेस, बिजली का सेस, गार्बेज सेस, सीवरेज सेस आदि बढ़ाकर चंडीगढ़वासियों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। भाजपा की जनविरोधी नीतियों के कारण नगर निगम की वित्तीय स्थिति डगमगा गई है। मेहता ने कहा कि नगर निगम से लेकर केंद्र सरकार तक भाजपा की सत्ता यानी ट्रिपल इंजन की सरकार के बावजूद न चंडीगढ़ प्रशासन नगर निगम को कोई ग्रांट इन ऐड में बढ़ोतरी कर रहा है और न ही कोई डेडिकेटिड फंड दे रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार फोर्थ दिल्ली फाइनेंस कमीशन के रेवेन्यू शेयरिंग फार्मूले के हिसाब से भी चंडीगढ़ नगर निगम के हिस्से का सत्रह करोड़ बजट नहीं दे रही है।

डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने कहा कि सतनाम सिंह संधू ने राज्यसभा सांसद होने के नाते एक बार भी न संसद में शहर के लिए कोई आवाज उठाई और न ही केंद्र सरकार से घाटे में चले रहे चंडीगढ़ नगर निगम की वित्तीय हालत पर कोई अतिरिक्त बजट देने की बात कही। भाजपा के नेताओं को सिर्फ फोटो सेशन या अखबारों की सुर्खियों में रहने से मतलब रह गया है। नगर निगम और शहर की जनता को बदहाल स्थिति में छोड़ दिया गया है। अपनी और अपनी सरकार की नाकामियों को छुपाने के लिए नगर निगम की प्रॉपर्टी बेचने की नौबत आ गई है। नगर निगम के कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं मिल रही है, वो लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसा कब तक चलेगा। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस घर-घर भाजपा की जनविरोधी नीतियों को उजागर करेगी।

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