CAIT ने व्यापारियों समेत सभी से तुर्की और अजरबैजान की यात्राओं का बहिष्कार करने की अपील की

तुर्की ओर अजरबैजान के साथ व्यापार बंद करने पर फैसला 16 मई को नेशनल कांफ्रेंस में होगा

CHANDIGARH, 14 MAY: भारत के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने (CAIT) चीन, तुर्की तथा अजरबैजान द्वारा पाकिस्तान का खुला समर्थन करने पर देशभर के व्यापारियों एवं अन्य लोगों से अपील की है कि वे तुर्की तथा अजरबैजान की यात्राओं का पूर्ण बहिष्कार करें और इन दोनों देशों को भारत के खिलाफ पाकिस्तान का समर्थन करने का करारा जवाब दें।

CAIT के राष्ट्रीय सचिव एवं चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हरीश गर्ग ने कहा कि चीन को लेकर CAIT विगत कई वर्षों से चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने का अभियान चलाए हुए है, जिसका व्यापक असर पड़ा है। अब तुर्की एवं अजरबैजान की यात्राओं के बहिष्कार के संबंध में CAIT ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर्स संगठनों सहित विभिन्न अन्य संबंधित वर्गों से सम्पर्क कर इस अभियान को तेज करेगा। गर्ग ने बताया कि तुर्की और अजरबैजान के साथ व्यापार बंद करने के मुद्दे पर अंतिम निर्णय 16 मई को CAIT द्वारा नई दिल्ली में आयोजित की जा रही देश के प्रमुख व्यापारी नेताओं की नेशनल कांफ्रैंस में लिया जाएगा।

कैट के CAIT के राष्ट्रीय सचिव एवं चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हरीश गर्ग ने कहा कि यदि भारतीय नागरिक तुर्की और अज़रबैजान की पाकिस्तान के प्रति समर्थन के विरोध में यात्रा का बहिष्कार करते हैं तो इसका इन देशों की अर्थव्यवस्था, विशेषकर पर्यटन क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार तुर्की में कुल विदेशी आगमन 62.2 मिलियन पर्यटक का था, जिसमें अकेले भारत से ही लगभग 3 लाख पर्यटक थे। वर्ष 2023 की तुलना में भारतीय पर्यटकों की 20.7% की वृद्धि थी। तुर्की का कुल पर्यटन राजस्व $61.1 बिलियन था। एक भारतीय पर्यटक का औसत खर्च $972 होता है और इस दृष्टि से भारतीय पर्यटकों का कुल अनुमानित खर्च $291.6 मिलियन के लगभग होता है।

हरीश गर्ग ने कहा कि यदि भारतीय पर्यटक तुर्की की यात्रा का बहिष्कार करते हैं तो तुर्की को लगभग $291.6 मिलियन का प्रत्यक्ष नुकसान होगा। इसके अतिरिक्त, भारतीय पर्यटकों द्वारा आयोजित विवाह, कॉर्पोरेट कार्यक्रम और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के रद्द होने से अप्रत्यक्ष रूप से और भी आर्थिक नुकसान हो सकता है। भारतीय पर्यटकों का जिक्र करते हुए हरीश गर्ग ने कहा कि अजरबैजान में वर्ष 2024 में कुल विदेशी आगमन लगभग 2.6 मिलियन पर्यटक था, जिसमें भारतीय पर्यटकों की संख्या लगभग 2.5 लाख थी और प्रति भारतीय पर्यटक औसत खर्च 2,170 AZN था, जो लगभग $1,276 होता है। इस लिहाज से भारतीय पर्यटकों का खर्च $308.6 मिलियन के लगभग अजरबैजान में होता है। भारतीय पर्यटकों के बहिष्कार से अजरबैजान को लगभग $308.6 मिलियन का प्रत्यक्ष नुकसान होगा। चूंकि भारतीय पर्यटक मुख्यतः अवकाश, मनोरंजन, विवाह, और साहसिक गतिविधियों के लिए अज़रबैजान जाते हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में भी आर्थिक मंदी बड़े पैमाने पर हो सकती है।

CAIT के चंडीगढ़ चैप्टर के महासचिव भीम सैन ने कहा कि इस आर्थिक नुकसान से तुर्की और अजरबैजान पर भारत के प्रति अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने का दबाव बढ़ सकता है। वहीं पर्यटन से होने वाले सांस्कृतिक आदान-प्रदान में कमी भी होगी तथा दोनों देशों के स्थानीय व्यवसायों पर विपरीत प्रभाव भी पड़ेगा। इन देशों के होटल, रेस्तरां, टूर ऑपरेटर, और अन्य संबंधित व्यवसायों को भी नुकसान होगा।

हरीश गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत बेहद मजबूत है और कोई भी भारत को कमजोर समझने की भूल न करे। भारतीय नागरिकों द्वारा तुर्की और अजरबैजान की यात्रा का बहिष्कार इन देशों की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। यह कदम इन दोनों देशों पर न केवल आर्थिक दबाव बनाएगा, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश भी देगा, जिससे इन दोनों देशों को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। हरीश गर्ग ने कहा कि भारतीय व्यापारी अपने राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता एवं सार्वबौमिकता के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं, केवल सरकार के दिशा-निर्देशों का ही इंतजार है।

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