यूनेस्को का निर्णय भारत की समृद्ध परंपराओं और हमारी सामूहिक सांस्कृतिक चेतना को सम्मानित करता है। इस फैसले से व्यापार में भी वृद्धि होगी और देशभर के कारीगरों, शिल्पकारों, व्यापारियों तथा दीवाली से जुड़े छोटे व्यवसायों को भी नई ऊर्जा व प्रोत्साहन मिलेगा: हरीश गर्ग
CHANDIGARH, 11 DECEMBER: कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय सचिव एवं चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हरीश गर्ग, चंडीगढ़ चैप्टर के महामंत्री भीम सैन , उपाध्यक्ष नीरज गोयल, राजकुमार सिंगला, कैलाश गर्ग, श्रीराम जायसवाल, पवन गर्ग, नरेश गर्ग, कानूनी सलाहकार जहान सिंह एवं कोषाध्यक्ष रमेश सिंगला, संगठन मंत्री अजय सिंगला, सचिव उमेश गुप्ता समेत CAIT से जुड़े चंडीगढ़ के तमाम वरिष्ठ व्यापारी नेताओं ने यूनेस्को द्वारा दीवाली को विश्व विरासत उत्सव घोषित किए जाने पर अति प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि यूनेस्को द्वारा दीवाली को अमूर्त सांस्कृतिक विश्व विरासत के रूप में घोषित किया जाना भारत के लिए और दुनियाभर में इस प्रकाश, सौहार्द और आशा के पर्व को मनाने वाले करोड़ों लोगों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है।
CAIT के चंडीगढ़ चैप्टर के सलाहकार प्रेम कौशिक ने कहा कि यह वैश्विक मान्यता भारत के कालातीत सभ्यतागत मूल्यों और दीवाली के सार्वभौमिक संदेश ‘सत्य की असत्य पर, ज्ञान की अज्ञान पर तथा प्रकाश की अंधकार पर विजय’ का प्रमाण है। दीवाली केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सेतु है, जो विश्वभर के समुदायों को जोड़ता है।
CAIT के राष्ट्रीय सचिव एवं चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हरीश गर्ग ने यूनेस्को के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय भारत की समृद्ध परंपराओं, हमारी सामूहिक सांस्कृतिक चेतना और विश्वभर में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के योगदान को सम्मानित करता है। वरिष्ठ व्यापारी नेता के नाते हरीश गर्ग और भीमसैन ने कहा कि निश्चित रूप से इस फैसले से व्यापारियों के व्यापार में भी दीवाली के मौके पर असामान्य वृद्धि होगी और यह मान्यता भारत की सॉफ्ट पावर को और सशक्त करेगी, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा देगी और हमारे त्योहारों, परंपराओं एवं सांस्कृतिक लोकाचार के प्रति वैश्विक जागरूकता को और व्यापक बनाएगी। उन्होंने कहा कि इससे देशभर के कारीगरों, शिल्पकारों, व्यापारियों और दीवाली से जुड़े छोटे व्यवसायों को भी नई ऊर्जा और प्रोत्साहन मिलेगा।
हरीश गर्ग ने विशेष रूप से कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उन सभी सांस्कृतिक हितधारकों को बधाई देता हूं, जिन्होंने इस वैश्विक स्वीकृति को संभव बनाने के लिए अथक प्रयास किए। हरीश गर्ग ने कहा कि आज भारत विश्व मंच पर और अधिक उज्ज्वल हुआ है तथा दीवाली वास्तव में समस्त मानवता का पर्व बन गई है।

