नगर निगम ने परियोजना की रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेज विजिलेंस अधिकारियों को अभी तक उपलब्ध नहीं कराए हैं: राजीव शर्मा
सफाई के कथित ‘नाटक’ को लेकर भी भाजपा पर हमला बोला, कहा-चंडीगढ़ के प्रबुद्ध लोग मोदी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के आचरण से स्तब्ध रह गए हैं।
CHANDIGARH, 25 SEPTEMBER (ANewsoffice): चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने नगर निगम और प्रशासन पर मनीमाजरा 24×7 जल आपूर्ति परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों की चल रही विजिलेंस जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने कहा है कि नगर निगम विजिलेंस जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। राजीव शर्मा ने मीडिया में आई उन खबरों पर भी गहरी निराशा एवं दुख व्यक्त किया है, जिनमें कहा गया है कि चंडीगढ़ नगर निगम के अधिकारियों को सेक्टर-22 की सड़क पर कूड़ा फैलाने के लिए मजबूर किया गया, ताकि भाजपा के केंद्रीय मंत्री एमएल खट्टर को उसी सड़क की सफाई करते हुए अपनी तस्वीरें खिंचवाने का मौका मिल सके। राजीव शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा कि भाजपा नेता जमीनी स्तर पर कुछ भी ठोस काम नहीं कर सकते, बल्कि सिर्फ मीडिया में अपनी फोटो छपवाने के उद्देश्य से ऐसे नाटकीय कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं।
उन्हें कभी सुन्दर रहे इस शहर की सफाई या इसके विकास से कुछ लेना-देना नहीं है। राजीव शर्मा ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ के प्रबुद्ध लोग मोदी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के ऐसे आचरण से स्तब्ध रह गए हैं, जो पहले जनता के खर्चे पर सड़कों पर कूड़ा डलवाते हैं और फिर जनता के सामने खुद को अच्छा दिखाने के लिए उसी कूड़े को साफ करने का नाटक करते हैं।
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस भाजपा नेताओं के ऐसे नाटकीय कृत्यों की कड़ी निंदा करती है। राजीव शर्मा ने मनीमाजरा 24×7 जल आपूर्ति परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों की चल रही विजिलेंस जांच के संबंध में कहा कि नगर निगम ने परियोजना की रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेज विजिलेंस अधिकारियों को अभी तक उपलब्ध नहीं कराए हैं, जबकि 10 जुलाई 2025 को इस बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए निगम को नोटिस भेजा गया था। यहां तक कि विजिलेंस द्वारा भेजे गए रिमाइंडर का भी निगम पर कोई असर नहीं हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी को पहले से ही इस बात का संदेह था कि इस परियोजना के कार्यान्वयन में गलत ढंग से भारी मात्रा में धन का लेन-देन हुआ है, यही वजह है कि कांग्रेस ने अगस्त 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इसके उदघाटन समारोह का बहिष्कार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि संसाधनों की कमी से जूझ रहे नगर निगम को अब इस 24×7 परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए 15 वर्षों तक 90 करोड़ रुपए का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि यह परियोजना अभी तक शुरू भी नहीं हो सकी है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि परियोजना के कार्यान्वयन के दौरान भारी मात्रा में धन के कथित दुरुपयोग में भाजपा स्वयं शामिल है और स्थानीय भाजपा अध्यक्ष जतिंदरपाल मल्होत्रा द्वारा इस विवादास्पद परियोजना में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग भाजपा के पापों को छिपाने के लिए दिखावा मात्र है। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने मांग की है कि मनीमाजरा जल परियोजना में भ्रष्टाचार की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच शीघ्रता से की जाए, ताकि जनता के पैसे हड़पने वालों भ्रष्टाचारियों और निगम को भारी कर्ज में डुबोने वालों पर उचित कार्रवाई हो सके।

