अध्यक्ष चरणजीव सिंह के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने कई अहम सुझाव भी दिए, डीसी से मिला पॉजिटिव रिस्पांस
CHANDIGARH, 15 JANUARY: चंडीगढ़ व्यापार मंडल की बिल्डिंग बायलॉज को-ऑर्डिनेशन कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव से मुलाकात कर बिल्डिंग नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव पर चर्चा की, जिसका उद्देश्य खास तौर से चंडीगढ़ की कॉमर्शियल बिल्डिंग्स को और अधिक सार्वजनिक रूप से अनुकूल बनाना है। चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह के नेतृत्व में डीसी से मिले इस प्रतिनिधिमंडल में चरणजीव सिंह के अलावा विनोद जोशी, अनिल वोहरा, सुभाष नारंग और राधे लाल बजाज शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने डीसी को सुझाव दिया कि यदि बिल्डिंग मालिक नोटिस अवधि के भीतर नोटिस का अनुपालन करते हैं तो एस्टेट ऑफिस को उस पर दंड नहीं लगाना चाहिए। खरीददारों को आकर्षित करने के लिए पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के समान चार साल की किस्त भुगतान योजना के साथ फ्रीहोल्ड आधार पर वाणिज्यिक संपत्तियां बेची जानी चाहिए। इसके दुरुपयोग और हस्तांतरण से संबंधित मामलों को समयबद्ध ढंग से निपटाया जाना चाहिए, ताकि जनता को राहत प्रदान की जा सके। साथ ही उपायुक्त को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एसडीएम, एईओ और अन्य अधिकारी हर बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक जन शिकायतों को सुनने के लिए अपने कार्यालय में उपलब्ध रहें।
व्यापारी नेताओं ने डीसी निशांत कुमार यादव से कहा कि एस्टेट ऑफिस की वेबसाइट को रिस्टोर ऑर्डर प्राप्त होने पर स्वचालित रूप से अपडेट किया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्लॉट मालिकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा देरी से नोटिस वितरण के मामलों में संपत्ति मालिक द्वारा प्राप्ति तिथि को नोटिस तिथि माना जाना चाहिए। जन शिकायतों और सुझावों को सुनने के लिए एक समिति का गठन किया जाना चाहिए, ताकि भवन उपनियमों को और अधिक लोगों के अनुकूल, सरल तथा व्यावहारिक बनाया जा सके। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने चंडीगढ़ व्यापार मंडल के इस प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जनता की चिंताओं को दूर करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी और दंड को युक्तिसंगत बनाया जाएगा। उन्होंने अदालती मामलों में तेजी लाने, वेबसाइट को नियमित रूप से अपडेट करने और नोटिस की प्राप्ति तिथि पर विचार करने का भी वायदा किया।

