सीएम नीतीश कुमार ने महिला का हिजाब खींचकर JDU की घटिया मानसिकता उजागर की: शादाब राठी

यूपी के मंत्री संजय निषाद के बयान को भी अपमानजनक और शर्मनाक बताया
कहा- भाजपा का ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ नारा सिर्फ दिखावा, नीतीश और निषाद तुरंत इस्तीफा दें

CHANDIGARH, 19 DECEMBER: आम आदमी पार्टी के चंडीगढ़ प्रदेश महासचिव (अल्पसंख्यक विभाग) शादाब राठी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र देते समय डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब खींचे जाने की घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सीएम नीतीश कुमार के इस कृत्य को न केवल अपमानजनक, बल्कि गैरकानूनी भी करार दिया है।

राठी ने कहा कि यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों, महिला की गरिमा, धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय संविधान पर सीधा हमला है। शादाब राठी ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद द्वारा दिए गए बयान की भी कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से जेडीयू और भाजपा की घटिया मानसिकता और अल्पसंख्यकों के प्रति उनका नजरिया एक बार फिर उजागर हो गया है। भाजपा का ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का नारा सिर्फ दिखावा है।

राठी ने कहा कि इस घटना के बाद नीतीश कुमार और संजय निषाद को अपने पदों पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए। शादाब राठी ने आज एक बयान जारी कर कहा कि हिजाब महिला की आस्था, पहचान और सम्मान का प्रतीक है। किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा महिला की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता का इस तरह अपमान किया जाना न केवल निंदनीय है, बल्कि कानूनन अपराध भी है। इससे देश के अल्पसंख्यक समुदाय में भारी आक्रोश है। आम आदमी पार्टी ऐसी किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं करेगी। शादाब राठी ने स्पष्ट कहा कि सम्मान और संविधान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल व सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, क्योंकि यह मामला केवल एक महिला का नहीं, बल्कि पूरे समाज और संविधान के सम्मान से जुड़ा है।

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