बतायाः डीसी के आदेश पर कालोनी सेल कल लगाएगा कैंप, पात्र लोगों की स्क्रीनिंग कर मकान पाने वालों की होगी लिस्ट जारी
CHANDIGARH, 21 APRIL: चंडीगढ़ को स्लम फ्री करने की योजना के तहत चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा बुधवार को संजय कालोनी पर भी पीला पंजा चलाया जाएगा। इस मुहिम में प्रशासन की तरफ से संजय कॉलोनी, वार्ड नंबर-9 के 75 परिवारों को नोटिस मिले थे। ये नोटिस पाते ही संजय कालोनी के लोग अपनी गुहार लेकर चंडीगढ़ प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मेयर अरुण सूद से मिलने उनके निवास स्थान पर पहुंचे। अरुण सूद ने सभी लोगों को आश्वासन दिया कि पात्र लोगों के साथ किसी प्रकार का धक्का नहीं होगा और उन्हें सरकार की तरफ से पक्के मकान भी जरूर मिलेंगे।
इसके बाद लोगों की समस्या जानने के लिए अरुण सूद संजय कालोनी का दौरा करने पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ पार्षद विमला दुबे, पूर्व पार्षद व भाजपा नेता अनिल दुबे भी थे। लोगों ने बताया कि कालोनी में बहुत से लोगों का बायोमैट्रिक होने के बावजूद आवास योजना में उनका नाम नहीं है और बुधवार को उनके घर पर प्रशासन का पीला पंजा कहर बरपा देगा। लोगों की समस्या जानने व उनके दस्तावेजों को जांचने के बाद इस मुद्दे पर सोमवार को अरुण सूद ने चंडीगढ़ के डीसी निशांत कुमार यादव से मुलाकात की तथा संजय कालोनी के लोगों की समस्या को डीसी के सामने रखा। अरुण सूद ने बताय़ा कि इस पर डीसी निशांत कुमार ने एस्टेस्ट ऑफिसर नवीन रत्तू की अध्यक्षता में कालोनी सेल के सदस्यों की कमेटी को मंगलवार को संजय कालोनी में एक दिवसीय कैंप लगाने के आदेश दिए हैं। इस कैंप में कमेटी द्वारा लोगों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। कैंप में पहले हुए बायमैट्रिक के आधार पर प्रशासन द्वारा पात्र लोगों की लिस्ट भी जारी की जाएगी।
इस बारे में संजय कॉलोनी, वार्ड नंबर 9 से गीता, नरेंद्र कुमार गुप्ता, राज कुमार ने बताया कि डेमोलिशन के नोटिस मिलने के बाद लोगों को बेघर होने का भय सताने लगा था। हालांकि इसमें अधिकतर लोगों के पास बायोमैट्रिक के दस्तावेज तक मौजूद हैं। इसके बावजूद प्रसाशन द्वारा उनको नोटिस जारी किए गए। उन्होंने बताया कि लोग सहायता के लिए भाजपा नेता अरुण सूद के पास गए, जहां उन्होंने उनकी समस्या का संज्ञान लेते हुए तुरंत लोगों की सहायता के लिए आगे आए। इसके परिणाम स्वरूप प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार हुआ और उनके प्रयासों से पात्र लोगों जल्द ही पक्का मकान भी मिलने की उम्मीद बन गई है।

