केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सभी टीबी रोगियों को लेंगे गोद
CHANDIGARH, 2 SEP: हरियाणा में टीबी (तपेदिक) मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए राज्य टीबी सेल की टीम ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। टीम ने निक्षय मित्र पहल का विस्तार करते हुए सांसद एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और जिले के सभी विधायकों से मुलाकात कर टीबी रोगियों को गोद लेने में सहयोग मांगा।
राज्य टीबी सेल हरियाणा की आईईसी अधिकारी सरिता नरयाल और उनकी टीम, जिसमें रमन अरोड़ा भी शामिल थे, के अथक प्रयासों से टीबी उन्मूलन कार्यक्रम राज्य में बहुत प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में टीम ने यह सुनिश्चित करने के लिए जबरदस्त प्रयास किए कि इस महीने की 10 तारीख तक सभी टीबी रोगियों को गोद लिया जाए और उन्हें पोषण सहायता किट मिल सके।
इस पहल के तहत टीम ने सबसे पहले सांसद और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। खट्टर ने इस प्रयास की सराहना करते हुए अपने निर्वाचन क्षेत्र के टीबी रोगियों को 100% गोद लेने का पूरा समर्थन और आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने टीबी रोगियों को गोद लेने में गहरी रुचि दिखाई थी और सरिता नरयाल की टीम के माध्यम से कई रोगियों को अपनाया था।
प्रधान मंत्री के ‘टीबी मुक्त भारत’ विजन को मिला बल
ज्ञात हो कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘टीबी मुक्त भारत’ बनाने पर विशेष जोर दिया है। खट्टर ने सरिता नरयाल और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित रोहतक यात्रा के दौरान भी इस महत्वपूर्ण विषय पर विशेष चर्चा होने की संभावना है, जो टीबी उन्मूलन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विधायकों ने भी दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन
टीम ने जिले के सभी विधायकों से भी संपर्क किया। प्रत्येक विधायक को उनके क्षेत्र में मौजूद टीबी रोगियों की संख्या सौंपी गई। विधायकों ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मरीज-वार सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिस पर करनाल के जिला टीबी कार्यालय ने जल्द ही विस्तृत सूचियां सांझा करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के सुचारू कार्यान्वयन के लिए टीम ने सिविल सर्जन करनाल के साथ भी एक बैठक की, जिसमें सहयोग और समन्वय के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। सरिता नरयाल और रमन अरोड़ा के नेतृत्व में राज्य टीबी टीम का यह प्रयास हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को और करीब लाता है।

