थिंकर फोरम समूह ने स्वस्थ और सक्रिय बुढ़ापे के लिए प्राकृतिक चिकित्सा व योग के महत्व पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया
CHANDIGARH, 27 MARCH (ANewsoffice): थिंकर फोरम समूह द्वारा सामुदायिक केंद्र सेक्टर-15 में बुलाई गई वरिष्ठ नागरिकों की एक सभा में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के तौर पर प्राकृतिक चिकित्सक देवराज त्यागी (Gratitude Wellness Retreat) ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य की देखभाल एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। विशेष रूप से 60 वर्ष की आयु के बाद शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता और लचीलापन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) और योग का समन्वय बिना दवाओं के स्वस्थ, दीर्घ और संतुलित जीवन जीने का एक प्रभावी मार्ग है।
प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि मानव शरीर में स्वयं को स्वस्थ करने की अद्भुत क्षमता होती है। त्यागी ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रमुख सुझाव देते हुए कहा कि आहार ही औषधि है। भोजन में मोटे अनाज (मिलेट्स), चोकर युक्त आटा तथा मौसमी फलों को शामिल करें। रात्रि भोजन हल्का रखें और सोने से कम से कम तीन घंटे पूर्व ग्रहण करें।
उन्होंने कहा कि प्रातः उठकर गुनगुना जल पीना शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक होता है। इसके अलावा प्रतिदिन 15-20 मिनट प्रातःकालीन धूप लेने से विटामिन-D की पूर्ति होती है और हड्डियां मजबूत रहती हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र में शरीर को सक्रिय बनाए रखने के लिए सूक्ष्म व्यायाम एवं प्राणायाम अत्यंत लाभकारी हैं। अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम मानसिक तनाव को कम करने के साथ-साथ उच्च रक्तचाप और अनिद्रा जैसी समस्याओं में भी सहायक होते हैं।
देवराज त्यागी ने जोड़ों के दर्द से बचाव के लिए ताड़ासन जैसे सरल योगासन नियमित रूप से करने की सलाह दी। साथ ही सेवानिवृत्ति के पश्चात मानसिक सक्रियता बनाए रखने के लिए प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट ध्यान (Meditation) और सकारात्मक चिंतन आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के समीप रहकर और संतुलित जीवनशैली अपनाकर वरिष्ठ नागरिक न केवल स्वस्थ रह सकते हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्रोत भी बन सकते हैं। सभा की अध्यक्षता करते हुए राकेश सहगल ने कहा कि स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र प्रकृति की ओर लौटना है। उन्होंने सभी वरिष्ठ नागरिकों से इन सरल नियमों को अपनी दिनचर्या में अपनाने का आह्वान किया। सहगल ने रामनवमी के अवसर पर भगवान श्रीराम के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उर्मिल ठाकुर ने भजन का गायन किया।
इस कार्यक्रम में अशोक ठाकुर, बिपिन गुप्ता, सुनील अग्रवाल, संतोष शर्मा, हंसराज नारंग, बीके सूद, डॉली अग्रवाल, सेवाराम, एसके बत्रा, रेनू बंसल, उर्मिल ठाकुर, कंचन त्यागी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

