रीशान फाउंडेशन के कैंप में 358 लोगों ने रक्तदान किया, 150 ने नेत्रदान और 75 लोगों ने अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया

125 महिलाओं ने मेमोग्राफी टेस्ट और 200 लोगों ने डेक्सा टेस्ट करवाया, संस्था ने सेना को समर्पित किया यह आयोजन

रीशान फाउंडेशन द्वारा गरीब परिवार के अनाथ बच्चों को गोद लेना सभी के लिए प्रेरणादायक हैः राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

CHANDIGARH, 18 MAY: भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मेयर अरुण सूद के भांजे ईशान सूद और ईशान के तीन अन्य मित्रों रीत, ऋभु व कुशाग्र की गत वर्ष आज के दिन एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर उनकी स्मृति में रीशान फाउंडेशन ने चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित सामुदायिक केंद्र में आज पहला विशाल रक्तदान शिविर, नेत्रदान और अंगदान पंजीकरण शिविर, महिलाओं में कैंसर की जांच के लिए मेमोग्राफी टेस्ट और हड्डियों की ताकत की जांच के लिए डेक्सा टेस्ट का शिविर लगाया। इस शिविर का वर्चुअल उदघाटन पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया। इस शिविर में 358 लोगों ने रक्तदान किया, 150 लोगों ने नेत्रदान और 75 लोगों ने अंगदान के लिए अपना पंजीकरण करवाया। साथ ही 125 महिलाओं ने मेमोग्राफी टेस्ट और 200 लोगों ने डेक्सा टेस्ट करवाया। रीशान फाउंडेशन ने यह आयोजन भारतीय सेना को समर्पित किया।

दिनेश डोभाल ने अपनी पत्नी व बेटी के साथ रक्तदान किया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, मेयर हरप्रीत कौर, अम्बाला के सांसद वरुण चौधरी, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन, हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, बंतो कटारिया, रंजीता मेहता, एकता नागपाल, केशनी आनंद सेवानिवृत्त मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष भूजल बोर्ड,, सेक्टर-16 चंडीगढ़ अस्पताल की डायरेक्टर, सेक्टर-32 चंडीगढ़ के मेडिकल कालेज एवं हॉस्पिटल के डायरेक्टर, भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा, स्वामी संपूर्णानंद जी महाराज, कमली माता जी, मनीषा दीदी, बावरा महर्षि संस्थान, चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की, सुभाष शर्मा पंजाब भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष समेत कई
गणमान्य व्यक्तियों ने शिविर में पहुंचकर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया तथा रीशान फाउंडेशन संस्था के सभी सदस्यों का हौसला बढ़ाया। इसके अलावा सांसद कंगना रनौत, प्रताप चन्दर सारंगी, शेर सिंह गुबाया, राजू बिष्ट, सुरेश गोपीनाथ महात्रे, मितेश पटेल, डॉ. अशोक कुमार मित्तल व कई अन्य सांसदों ने अपने शोक संदेश भेजे। इस शिविर में पीजीआई चंडीगढ़, गवर्नमेंट कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर-32 और सरकारी अस्पताल सेक्टर-16 के डॉक्टरों ने रक्त एकत्र किया और सेक्टर-32 के अस्पताल की तरफ से महिलाओं के कैंसर की जांच के लिए मेमोग्राफी वैन और हड्डियों की ताकत की जांच के लिए डेक्सा टेस्ट की व्यवस्था की गई। शिविर में रक्तदान के लिए चंडीगढ़ ट्राइसिटी के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इनमें समाजसेवी दिनेश डोभाल ने अपनी पत्नी व बेटी के साथ खुद भी रक्तदान किया।

पूर्व मेयर अरुण सूद के साथ दिनेश डोभाल व उनकी पत्नी मोना डोभाल।

रीशान फाउंडेशन के संस्थापक सदस्य मेजर आरएस विर्क, संजीव सूद और अरुण सूद ने बताया कि गत वर्ष इसी दिन ईशान सूद, रीत, ऋभु और कुशाग्र की सड़क हादसे में मौत हो गई थी | वो दिन हम सभी अभिभावकों के लिए बहुत ही सदमे वाला दिन था और उसको हम आज तक नहीं भूल पाए हैं। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों के जाने को तो नहीं रोक सके लेकिन उनकी स्मृति को सदैव जीवित रखने के लिए सभी अभिभावकों, उनके मित्रों और सगे-संबंधियों ने तय किया कि ईशान सूद, रीत, ऋभु और कुशाग्र के नाम पर सामाजिक संस्था बनाकर लगातार समाज से जुड़े भलाई कार्य किए जाएं, यही चारों दिवंगत ईशान सूद, रीत, ऋभु और कुशाग्र की आत्माओं के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसलिए रीशान फाउंडेशन की स्थापना की गई और इसके तहत आज प्रथम रक्तदान शिविर, नेत्रदान और अंगदान पंजीकरण शिविर, मेमोग्राफी टेस्ट और डेक्सा टेस्ट का शिविर लगाया गया।

पूर्व मेयर अरुण सूद के साथ शिविर का निरीक्षण करते हुए सांसद सतनाम सिंह संधू।

आरएस विर्क ने बताया कि संस्था के गठन के उपरान्त मलोया के स्मॉल फ्लैट में रहने वाले एक परिवार के चार अनाथ बच्चों 17 वर्षीय लड़की, 14 वर्षीय 2 लड़के और 12 वर्षीय 2 लड़कों को गोद लिया गया है। उनके सिर से माता-पिता का साया उठ जाने के बाद हाउसिंग बोर्ड द्वारा उनके मकान की किश्तों की बकाया राशि और आगामी राशि की भरपाई न होने के चलते मकान आवंटन रद्द करने का नोटिस थमा दिया गया था। ऐसे में परिवार की बेटी, जो बड़ी मुश्किल से काम करके अपने भाई-बहनों का पेट पाल रही थी, ने असमर्थता जताई और रीशान फाउंडेशन से संपर्क किया। इस परिवार की पीड़ा को समझते हुए रीशान फाउंडेशन संस्था ने तुरंत निर्णय लिया कि उनके मकान की जितनी भी बकाया राशि है, उसका भुगतान, आगामी किश्तों का भी भुगतान, परिवार के पालन-पोषण के लिए मासिक राशन, कपडे़ और शिक्षा में होने वाले सारे खर्च का वहन रीशान फाउंडेशन संस्था द्वारा किया जाएगा, ताकि ये बच्चे भविष्य में अपने पैरों पर खड़े हो सकें। आरएस विर्क ने कहा कि इस तरह से रीशान फाउंडेशन संस्था ने सामाजिक कार्य की तरफ पहला कदम बढ़ाया और भविष्य में भी रीशान फाउंडेशन द्वारा सामाजिक कार्य लगातार किए जाते रहेंगे।

शिविर में कई संत विभूतियां भी पहुंचीं।

इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि समाज की भलाई के लिए रीशान फाउंडेशन की यह पहल वाकई दिवंगत ईशान सूद, रीत, ऋभु व कुशाग्र की आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि साबित हुई है। रीशान फाउंडेशन संस्था द्वारा गरीब परिवार के अनाथ बच्चों को गोद लेना और उनके सारे खर्चे का वहन करना सभी के लिए प्रेरणादायक है। कटारिया ने ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि सेना पर पूरे देश को गर्व है और रीशान फाउंडेशन ने यह शिविर भारतीय सेना को समर्पित करके बहुत अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज इस शिविर के माध्यम से न जाने कितने जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान किया गया। इससे कइयों की जिंदगी को बचाया जा सकेगा। कटारिया ने कहा कि इस तरह के कार्यों में सभी को अपनी समाजिक भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए और समाज के लिए कुछ न कुछ जरूर करते रहना चाहिए।

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