चंडीगढ़ के प्रशासक की सलाहकार परिषद की बैठक में लक्की ने शहर के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए

मेयर के प्रत्यक्ष चुनाव और 5 वर्ष के कार्यकाल की मांग को दोहराया, होटल माउंटव्यू को बेचने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया, मेट्रो से लेकर हाउसिंग बोर्ड मकानों और व्यापारियों तक के मुद्दों पर खुलकर बोले
आरोप लगाया: नागरिकों से कर वसूलने के बावजूद प्रशासन अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहा

CHANDIGARH, 12 MARCH (ANewsoffice): चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने आज होटल माउंटव्यू में आयोजित चंडीगढ़ के प्रशासक की सलाहकार परिषद (Administrator’s Advisory Council) की बैठक में शहर के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। लक्की ने मेयर के प्रत्यक्ष चुनाव और मेयर के लिए पांच वर्ष के कार्यकाल की अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि नगर निगम चंडीगढ़ में राजनीतिक स्थिरता और प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम को अधिक प्रशासनिक अधिकार और पर्याप्त वित्तीय संसाधन दिए जाने चाहिए, ताकि वह शहर के निवासियों के हित में स्वतंत्र और प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। डडडूमाजरा की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए लक्की ने कहा कि डडडूमाजरा डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा आसपास रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत गंभीर समस्या बन चुका है। वर्षों से वहां के निवासी बदबू, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरों का सामना कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दे पाया है।

एचएस लक्की ने स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़े फंड के हस्तांतरण में सामने आए कथित 108 करोड़ रुपए के घोटाले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इस मामले ने चंडीगढ़ के नागरिकों को झकझोर कर रख दिया है और सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। शहर के बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों और पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकों से कर वसूलने के बावजूद प्रशासन अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहा है।

शहरी नियोजन और विकास से जुड़े मुद्दों पर एचएस लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ में बिल्डिंग बायलॉज में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। मौजूदा नियम पुराने हो चुके हैं और कई बार निवासियों तथा व्यापारियों के लिए अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न करते हैं। उन्होंने प्रशासक से अपील की कि बिल्डिंग बायलॉज को व्यावहारिक और नागरिकों के अनुकूल बनाया जाए। लक्की ने यह भी मांग की कि उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, विशेष रूप से एमएसएमई इकाइयों के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) बढ़ाया जाए, ताकि छोटे और मध्यम उद्योग अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें और रोजगार के अवसर पैदा हों।

उन्होंने कहा कि बाजारों में व्यापारियों और दुकानदारों को भी जगह की कमी से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने सुझाव दिया कि शॉप-कम-फ्लैट (SCF) में बॉक्स-टाइप संरचना और अतिरिक्त स्टोरेज स्पेस की अनुमति दी जानी चाहिए, जबकि बूथ मालिकों को एक अतिरिक्त मंजिल बनाने की अनुमति दी जाए, जिससे छोटे व्यापारियों को अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। लक्की ने चंडीगढ़ हेरिटेज कमेटी के कामकाज पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जहां चंडीगढ़ की विरासत का संरक्षण महत्वपूर्ण है, वहीं यह समिति अब शहर के विकास में एक बड़ी बाधा बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण सुधारों और विकास परियोजनाओं में यह समिति अनावश्यक देरी और रुकावट पैदा कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि हेरिटेज कमेटी की संरचना और गठन की समीक्षा की जानी चाहिए। समिति में ऐसे लोगों को शामिल किया जाना चाहिए, जो जनता की समस्याओं और जरूरतों से सीधे जुड़े हों। इसके साथ ही निर्वाचित प्रतिनिधियों और संबंधित हितधारकों की भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि विरासत संरक्षण और शहर के विकास के बीच संतुलन बनाया जा सके। व्यापक विकास से जुड़े मुद्दों पर लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ को सार्वजनिक परिवहन, पर्यटन, आवास और शहरी बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में दूरदर्शी योजना की आवश्यकता है।

उन्होंने ट्राइसिटी के भविष्य के विकास के लिए मेट्रो परियोजना की आवश्यकता को भी दोहराया और कहा कि आधुनिक सार्वजनिक परिवहन समय की मांग है। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड के निवासियों से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए और कहा कि उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए नीतिगत सुधार आवश्यक हैं। लक्की ने लालडोरा के बाहर बने ढांचों के नियमितीकरण और लैंड पूलिंग का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने होटल माउंटव्यू को बेचने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह होटल एक लाभकारी सार्वजनिक संपत्ति है और चंडीगढ़ की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब यह संपत्ति आर्थिक रूप से लाभ में है तो इसे बेचना पूरी तरह से अनुचित और जनहित के खिलाफ होगा। लक्की ने मांग की कि प्रशासन तुरंत होटल माउंटव्यू के निजीकरण या बिक्री की किसी भी योजना को रोके, क्योंकि ऐसे संस्थान शहर की विरासत और पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं और इन्हें सार्वजनिक स्वामित्व में ही रहना चाहिए।

error: Content can\\\'t be selected!!