पत्र लिखकर प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुरोध किया: चंडीगढ़ प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर नागरिक-अनुकूल और व्यावहारिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित हो सके
CHANDIGARH, 11 DECEMBER: चंडीगढ़ भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं उद्योग व्यापार मंडल (UVM) चंडीगढ़ के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट संदेश है कि कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाएं नागरिकों के जीवन को सरल बनाने के लिए होती हैं, न कि उन्हें दंडात्मक दबाव में रखने के लिए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन को इसी भावना को ध्यान में रखते हुए शहर के लोगों को राहत प्रदान करनी चाहिए और वास्तविक अर्थों में Good Governance सुनिश्चित करना चाहिए।
जैन ने कहा कि चंडीगढ़ के बिल्डिंग बायलॉज कई दशक पहले बनाए गए थे, जबकि समय के साथ शहर की आवश्यकताएं और व्यावहारिक जरूरतें बदल चुकी हैं। इसी कारण कई नागरिकों ने नीड-बेस्ड इंटरनल चेंजेज किए हैं, जिन पर एस्टेट ऑफिस द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं और भारी-भरकम जुर्माने लगाए जा रहे हैं। जैन ने कहा कि ऐसे मामलों में नागरिकों को दंडित करने के बजाय प्रशासन को नियम सुधार और व्यावहारिक समाधान का मार्ग अपनाना चाहिए, जिससे विकास, कानून और नागरिक सुविधा तीनों का संतुलन बना रहे। इसी मुद्दे को लेकर कैलाश चंद जैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुरोध किया है कि चंडीगढ़ प्रशासन को आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर नागरिक-अनुकूल और व्यावहारिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित हो सके।
जैन ने चंडीगढ़ प्रशासन को सुझाव भी दिए हैं, जिनमें कहा है कि बिल्डिंग वॉयलेशन और मिसयूज संबंधी मामलों में प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए सिंगल-विंडो सहायता केंद्र स्थापित किया जाए। छोटे या नीड-बेस्ड इंटरनल चेंजेज के लिए सरल कंपाउंडिंग/निपटान व्यवस्था लागू की जाए। नागरिकों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार किए गए छोटे बदलावों को जहां संभव हो, नियमित (regularise) किया जाए और आवश्यकतानुसार वाजिब कंपाउंडिंग फीस निर्धारित की जाए। बिल्डिंग वॉयलेशन/मिसयूज बायलॉज को सरल एवं व्यावहारिक बनाया जाए तथा इस प्रक्रिया में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और आम नागरिकों से सलाह-मशविरा किया जाए। जैन ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि चंडीगढ़ प्रशासन प्रधानमंत्री की Ease of Living, Ease of Doing Business और Good Governance की भावना के अनुरूप कार्य करेगा तो शहर में एक अधिक पारदर्शी, नागरिक-अनुकूल और समाधान-प्रधान प्रशासनिक ढांचा विकसित हो सकेगा।

