CHANDIGARH, 28 AUG: पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) चंडीगढ़ ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के कार्यान्वयन की तैयारी शुरू कर दी है। PU की कुलपति प्रो. रेणु विग ने आज एमए रिसर्च/एमए प्रोग्राम के लिए इसके कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए अध्यक्षों की एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक को संबोधित करते हुए प्रो. रेणु विग ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) एक दूरदर्शी और परिवर्तनकारी ढांचा है, जो भारत में उच्च शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने में मदद करेगा। NEP हमारे छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और विविध भूमिकाओं के लिए तैयार करने का प्रयास करता है।

प्रो. विग ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी को देश के उन पहले कुछ अग्रणी विश्वविद्यालयों में शामिल होने पर गर्व है, जिन्होंने NEP को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। इससे पहले, PU ने इसे स्नातक स्तर पर लागू किया था और 2026-27 से हम इसे स्नातकोत्तर स्तर पर लागू करने का इरादा रखते हैं। इसे शीघ्र अपनाना शैक्षणिक उत्कृष्टता और पाठ्यक्रम डिजाइन में नवाचार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि NEP के उद्देश्यों के साथ तालमेल बिठाकर हमारा लक्ष्य अपने छात्रों को ऐसी शिक्षा प्रदान करना है जो समकालीन, वैश्विक रूप से प्रासंगिक हो और भारत की ज्ञान परंपराओं में गहराई से निहित हो।
बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा NEP अनुरूप ऑनर्स स्कूल सिस्टम के अंतर्गत एमए विद रिसर्च/ऑनर्स स्कूल सिस्टम के अंतर्गत एमए विद रिसर्च/एमए डिग्री प्रदान करने के तौर-तरीकों और नियमों पर चर्चा की गई। बताया गया कि एमए दो प्रकार के होंगे- एमए (रिसर्च) और एमए (कोर्स वर्क), जिसके लिए दो सेमेस्टर (एक वर्ष) और चार सेमेस्टर (दो वर्ष) की अवधि के दो विकल्प होंगे। यह एक वर्ष और दो वर्ष के लिए क्रमशः 40 और 80 क्रेडिट की क्रेडिट आधारित प्रणाली होगी।
बैठक में कार्यक्रम के संचालन, पेपरों के प्रकार, प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली, थ्योरी, प्रैक्टिकल और डेजरटेंशन पेपरों का मूल्यांकन, महाविद्यालयों में शोध सलाहकार समिति का गठन, डेजरटेशन पेपरों के मूल्यांकन की विधि, परिणाम तैयार करना और उत्तीर्णता मानदंड एवं डिग्री प्रदान करने संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन प्रो. योजना रावत, रिसर्च प्रमोशन सैल की डायरेक्टर प्रो. मीनाक्षी गोयल, रजिस्ट्रार प्रो. वाई.पी. वर्मा, कंट्रोलर आफ़ एग्जामिनेशन प्रो. जगत भूषण, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. रवि इंद्र सिंह, एनईपी समन्वयक प्रो. अनिल मोंगा और विश्वविद्यालय विभागों के अध्यक्षों ने भी बैठक में भाग लिया।

