पंजाब के सीएम और एक लड़की की छवि खराब करने की साजिश, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जानिए क्या है मामला

CHANDIGARH: पंजाब पुलिस द्वारा आज मुख्यमंत्री और एक लड़की का अक्स खराब करने के दोष में कुछ अज्ञात तत्वों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। इन दोषियों की तरफ से बिना इजाजत एक लड़की की फोटो उसके सोशल मीडिया अकाउँट से उठा कर उसका प्रयोग वटसऐप और अन्य सोशल मीडिया पर झूठे और अश्लील संदेश फैलाने के लिए किया जा रहा था।

डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय के जनरल सचिव इंचार्ज कैप्टन सन्दीप संधू की तरफ से डायरैक्टर, ब्यूरो आफ इनवैस्टीगेशन को की लिखित शिकायत पर आइपीसी की धारा 509, इंडीसैंट रिप्रैजेशनटेशन आफ वूमैन (प्रोहिबिशन) एक्ट 1986 की धारा 4 और 6 और सूचना टैकनॉलॉजी एक्ट 2000 की धारा 66 और 67 के अधीन स्टेट साईबर क्राइम, मोहाली में केस दर्ज किया गया है।

कैप्टन संधू ने अपनी शिकायत में मुख्यमंत्री के अक्स को खराब करने के लिए कुछ समाज विरोधी तत्वों की तरफ से अपराधिक और राजनैतिक साजिश की मुकम्मल जांच करने की माँग की जिसमें एक लड़की की फोटो उसकी इजाजत के बिना उसके सोशल मीडिया अकाउँट से उठाकर वटसऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अपमानजनक संदेश भेजे गए। उन्होंने बताया कि जिस ढंग से तस्वीर का प्रयोग किया गया है वह कानून की विभिन्न धाराओं के विरुद्ध है।
इन झूठे सन्देशों के स्रोतों और आधार का पता लगाने और इस मामले में जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने की माँग करते हुये संधू ने कहा कि विधान सभा मतदान-2022 से पहले ऐसे अपमानजनक संदेश फैलाने में मुख्यमंत्री के कुछ राजनैतिक विरोधियों की भूमिका को निकारा नहीं जा सकता और इसकी मुकम्मल जांच होनी चाहिए।

कैप्टन संधू ने मुख्यमंत्री और मलेरकोटला की एक महिला जो मुख्यमंत्री के किसी रिश्तेदार की परिचित जानी जाती है, के खिलाफ बदनामी वाले और अपमानजनक संदेशों को ‘अपमानजनक, अश्लील और घृणाजनक करार दिया जोकि स्पष्ट तौर पर मुख्यमंत्री के अक्स को खराब करने के लिए फैलाया गया है। उन्होंने कहा कि यह संदेश मुख्यमंत्री को बदनाम करने के एकमात्र उद्देश्य से फेसबुक आदि प्लेटफार्मों पर वायरल किया जा रहा है।

कैप्टन संधू ने अपनी शिकायत में कहा कि ऐसा लगता है कि झूठ फैलाने की कोशिश में उक्त महिला की तस्वीर उसकी इजाजत के बिना उसके सोशल मीडिया खातों के ली गई है, जिसका एक ही उद्देश्य मुख्यमंत्री के अक्स को खराब करना है। इस मामले में दोषी व्यक्तियों ने जानबुझ कर नौजवान लड़की के अक्स को भी खराब करने की कोशिश की है जो अभी अपनी जिंदगी की शुरुआत कर रही है। उन्होंने बदनामी की इस मुहिम के पीछे की राजनैतिक साजिश की जांच की माँग की।

इस बात की तरफ इशारा करते हुये कि महिला की फोटो का प्रयोग करना ‘निजता पर हमला करने के समान है, कैप्टन संधू ने डायरैक्टर ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन से अपील की कि वह इस झूठ के स्रोत और इस झूठ पर अश्लील संदेश के पीछे के कारण का पता लगाने के लिए साईबर सैल से इस मामले की जांच कराने और दोषी के विरुद्ध कानून के तहत उपयुक्त कार्यवाही यकीनी बनाएं।
संधू ने आगे कहा कि राज्य में हाल ही में हुये स्थानीय मतदान में अपनी साख बनाने में असफल रहने के कारण मुख्यमंत्री के राजनैतिक विरोधी उनको बदनाम करने के लिए अब ऐसी घटिया कार्यवाहियों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मंसूबे बिल्कुल सफल नहीं होंगे और पंजाब के लोग एक बार फिर विकास और ईमानदारी के लिए वोट डालेंगे और ऐसे झूठे प्रचार में आकर गुमराह नहीं होंगे।

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