PANCHKULA, 19 JANUARY: उमंग अभिव्यक्ति मंच पंचकूला ने आज काव्य गोष्ठी के माध्यम से धूमधाम से राम उत्सव मनाया, जिसमें कई कवियों ने हिस्सा लिया। मंच की फाउंडर श्रीमती नीलम त्रिखा ने बताया कि इस दौरान भगवान श्रीरामपर कविताओं के माध्यम से सभी ने अपने भाव रखे। नीलम त्रिखा ने बताया कि जब पूरे देश में राम जी के उत्सव जगह-जगह हो रहे हैं तो उसी कड़ी में उमंग अभिव्यक्ति मंच पंचकूला भी पांच दिवसीय इस कार्यक्रम में रोजाना ऑनलाइन, ऑफलाइन कार्यक्रम करवा रहा है।
आज राम उत्सव में भाग लेने वाले रचनाकारों में नीलम त्रिखा, सत्यवती आचार्य, सुमन लता रावत, सुनीता एंजेल, डॉक्टर त्रिपत मेहता, डॉ. वंदना खन्ना, उषा गर्ग, कुसुम लता, राधा अग्रवाल, डॉक्टर कृष्णा आर्या नारनौल, सुधा बत्रा पानीपत, दृष्टि, सुनील मिनोचा आदि शामिल रहे। नीलम त्रिखा ने अपनी रचना में कहा,
राम हमारे हैं, राम तुम्हारे हैं। राम दीन दुखियों के सहारे हैं।।
इसकी शरण में तू आके देख जरा, लाखों पापी भी भव से तारे हैं।।
पानीपत से सुधा बत्रा ने अपनी रचना में कहा, राम नाम है सबसे प्यारा, सारे जगत का है आधारा। कण कण वासी अन्तर्यामी, सबका रक्षक, सबका स्वामी।। ऑस्ट्रेलिया मेलबॉर्न से जुड़े सुनील मिनोचा ने अपनी कविता में कहा, श्रीराम सहारा बन जाओ, मेरे जीवन के आकर तुम सभी कष्ट मिटा जाओ। सत्यवती आचार्य ने कहा, अयोध्या की धरा पर हमारे श्री राम आए हैं, चलो खुशियां मना लो के श्री राम आए हैं।
डॉ. त्रिपत मेहता ने कहा, यदि कुछ संचय करना ही है तो ऐसी जागीर का कर, जो अनमोल है अविकारी है अमर है। कुसुम लता ने कहा, बट रहे पीले अक्षत, सिया राम का यश गान, दीप जले अब हर घर में, रहे सभी को अवधान। राधा अग्रवाल कुरुक्षेत्र ने कहा, राम जी का सजा दरबार, राम जी विराज रहे, हो रहा मंगलाचार।
सुनीता एंजेल ने कहा, हम सभी को भगवा रंग पहनाएंगे, अयोध्या में श्री राम जी आएंगे। मंजू चंदेल ने कहा, घर आना, खुशियां साथ ले आना, प्रेम भरा हाथ सर रखना राम जी मेरे घर आना। डॉक्टर वंदना ने कहा, सुख में सारा संसार है अपना साथी, दुख में बस राम नाम ही सहारा है। श्रीमती कृष्णा आर्य नारनौल ने कहा, भिलनी रास्ता रही बुहार, राम मेरे घर आएंगे।
अगर बुहार लिया, बगड़ बुहार लिया, कुटिया लाई बुहार के मेरे राम जी आएंगे। सुमन लता रावत ने कहा, इक छवि राम की उजागर होने लगी, नैनन-नैनन, इक मधुर धुन राम नाम की गूंजे कानन-कानन।

