चंडीगढ़ नगर निगम आम चुनाव-2026 के लिए टिकट की दावेदारी मजबूत करने में जुटे नेता
पुरुषों की सीट इस बार महिला के लिए आरक्षित होने की संभावनाओं को देखते हुए अन्य राजनीतिक दलों में भी कई नेताओं ने अपने घर की महिलाओं को सियासत में किया सक्रिय
CHANDIGARH, 16 APRIL (ANewsoffice): चंडीगढ़ प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक लुबाना ने आज संगठन में 6 नई नियुक्तियों की घोषणा की है। हालांकि इन नियुक्तियों को संगठन विस्तार की कड़ी बताया गया है लेकिन इनमें चार महिलाओं की नियुक्ति को चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में उम्मीदवारी के दावे से जोड़कर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि देश में महिला आरक्षण बिल यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को लेकर छिड़ी बहस के बीच इस बार चंडीगढ़ नगर निगम आम चुनाव के उम्मीदवारों में भी कई नए महिला चेहरे नजर आ सकते हैं।

हालांकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 केवल देश की संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% (एक-तिहाई) सीटें आरक्षित करने का संवैधानिक कानून है लेकिन चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए रिजर्व सीटों के रोटेशन में इस बार पुरुषों की कई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाने की संभावना है। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारी का दावा करने वाले पुरुष नेताओं ने अपनी पत्नियों को राजनीति में उतारना शुरू कर दिया है, ताकि उनकी दावेदारी वाली सीट यदि महिला के लिए आरक्षित हो जाए तो भी उस सीट पर उम्मीदवारी के लिए उनका दावा कमजोर न हो। चंडीगढ़ प्रदेश यूथ कांग्रेस में आज की कई नई नियुक्तियों पर नजर डालें तो प्रदेश महासचिव बनाई गईं चार महिलाओं में राखी देवी यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धीरज गुप्ता की धर्मपत्नी हैं। नेहा यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रवि राणा की धर्मपत्नी हैं।मीनू यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता साहिल चावर की धर्मपत्नी हैं, जबकि साक्षी शर्मा यूथ कांग्रेस के ही प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव सिंह की धर्मपत्नी हैं।
धीरज गुप्ता, रवि राणा, साहिल चावर और सुखदेव सिंह निगम चुनाव में कांग्रेस की टिकट से उम्मीदवारी के प्रबल दावेदार हैं। उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन के वक्त यूथ कांग्रेस भी अपने नेताओं के लिए टिकट पर दावेदारी करती रही है। पिछली बार भी प्रदेश यूथ कांग्रेस नेतृत्व की मांग पर 4 सीटों पर यूथ कांग्रेस नेताओं को उम्मीदवार बनाया गया था। इस बार यूथ कांग्रेस कम से कम 6 सीटों पर उम्मीदवारी के लिए दावेदारी जताने के मूड में है। इस बीच, अन्य राजनीतिक दलों में भी कई पुरुष नेताओं ने इस बार नगर निगम चुनाव में अपनी दावेदारी वाली सीट महिला के लिए आरक्षित हो जाने की संभावनाओं को देखते हुए अपने घर की महिलाओं को राजनीति में सक्रिय किया है।

