‘पास’ के लिए लोगों की बढ़ती मांग के मद्देनजर आयोजकों ने ‘पास’ सिस्टम बंद किया, एंट्री ओपन की
ट्राइसिटी में रुटीन के रामलीला मंचन देखने के लिए न जा पाने वाले हर वर्ग के लोग भी पहुंच रहे पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम मेंः अरुण सूद
महिलाओं द्वारा प्रस्तुत रामलीला मंचन को देखने के लिए परिवार सहित लोगों का आना हमारी संस्कृति और धर्म के लिए अच्छी बात: जगद्गुरु कुमार स्वामी जी महाराज
धर्म, संस्कृति और महिलाओं के लिए समान भाव और सम्मान को बरकरार रखना ही हमारी प्राथमिकता: एकता नागपाल
दर्शकों की तालियां और ‘जय श्रीराम’ का जयघोष कलाकारों के लिए पुरस्कार से कम नहीं: अरुण सूद
CHANDIGARH, 27 SEPTEMBER: पंचकूला के सेक्टर-5 में स्थित चंडीगढ़ ट्राइसिटी के सबसे बड़े ऑडिटोरियम ‘इंद्रधनुष’ में सिर्फ महिलाओं द्वारा मंचित की जा रही श्रीराम लीला को देखने के लिए पूरे ट्राइसिटी से लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। स्थिति ये है कि ऑडिटोरियम के सीटें प्रतिदिन फुल हो रही हैं। इस श्रीराम लीला मंचन की आयोजक स्वयंसेवी संस्था ‘जडों से जुड़ो’ के अध्यक्ष एवं चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और चंडीगढ़ प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे अरुण सूद ने ‘इंद्रधनुष’ ऑडिटोरियम में आज एक प्रेस कांफ्रैंस के दौरान बताया कि रोजाना ‘पास’ के लिए लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए अब श्रीरामलीला मंचन के दौरान ऑडिटोरियम में एंट्री ओपन कर दी गई है। अब किसी को ‘पास’ की जरूरत नहीं है। सूद ने कहा कि रोजाना लोगों तक ‘पास’ पहुंचा पाना .या उन्हें अन्य माध्यमों से उपलब्ध करवा पाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए एंट्री ओपन कर दी है।
अरुण सूद ने बताया कि इस श्रीराम लीला मंचन का विभिन्न मीडिया व ओटीटी प्लेट फार्मों पर दुनियाभर में करीब 50 करोड़ लोगों के लिए सीधा प्रसारण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े और भव्य स्तर पर श्रीराम लीला मंचन के आयोजन का यह पहला अनुभव था। अगले वर्ष यह आयोजन और ज्यादा बेहतर ढंग से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केवल महिलाओं द्वारा प्रस्तुत की जा रही इस श्रीराम लीला में 6 माह की कन्या से लेकर 83 वर्ष तक की सिर्फ महिलाएं ही रामायण के सभी पात्रों की भूमिका निभा रही हैं। यह महिलाएं प्रोफेशनल आर्टिस्ट नहीं हैं, बल्कि घरेलू व कामकाजी महिलाएं हैं। यह गर्व की बात है कि इनकी प्रतिभा को पूरा चंडीगढ़ ट्राइसिटी सम्मान दे रहा है व सराह रहा है। श्रीराम लीला मंचन के दौरान ऑडिटोरियम में दर्शकों की बजने वाली तालियां और गूंजने वाला ‘जय श्रीराम’ का जयघोष इन कलाकारों के लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं है।


इस अवसर पर जगद्गुरु महाब्रह्मऋषि कुमार स्वामी जी महाराज ने कहा कि हाल ही में जिस प्रकार से श्रीराम लीला का मंचन बढ़ा है और लोग इनको देखने के लिए अपने परिवारों के साथ निकल रहे हैं, ये एक अच्छी बात है | ये हिन्दू धर्म और हमारी संस्कृति के प्रचार और प्रसार के लिए बहुत ही उत्तम है। स्वयंसेवी संस्था ‘जडों से जुड़ो’ की संस्थापक एकता नागपाल ने बताया कि 91 महिलाओं की टोली ने अभी तक नारद कथा, श्रीराम कथा सुनाते शिवजी, रावण-वेदवती संवाद, रावण-नंदी व शिव जी संवाद, राजा दशरथ द्वारा संतान प्राप्ति का यज्ञ, श्रीराम जन्म, अहिल्या को शिला से मुक्ति, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, श्रीराम विवाह, विवाह उपरान्त अयोध्या आगमन, माता कैकेयी संवाद, दशरथ के 2 वचन, श्रीराम बनवास का सफल मंचन किया गया है जिसको दर्शकों ने खूब सराहा है। उन्होंने कहा कि इस अनूठे श्रीराम लीला मंचन में सभी महिलाओं का लक्ष्य है कि महिला सशक्तिकरण अभियान में देश की सभी महिलाओं को इसके लिए प्रेरित किया जाए और जिस प्रकार से वेद-पुराणों में धर्म और संस्कृति के महत्व और महिलाओं को समानता, सम्मानता का स्थान प्राप्त है, उसको बनाए रखा जाए और भावी पीढ़ी को श्रीराम लीला मंचन के माध्यम से संजोय रखकर उसकी अनुपालना करने के लिए प्रेरित किया जाए।
इस मौके पर स्वयंसेवी संस्था ‘जडों से जुड़ो’ के अध्यक्ष अरुण सूद ने बताया कि महिलाओं द्वारा मंचित इस श्रीराम लीला को देखने के लिए आमजनों के अलावा विभिन्न प्रबुद्ध लोग, हरियाणा के राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष, विश्वविख्यात सुप्रसिद्ध जगद्गुरु महाब्रह्मऋषि कुमार स्वामी जी महाराज, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिड्डा, राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, भाजपा पंचकूला के जिलाध्यक्ष अजय मित्तल, नगर निगम चंडीगढ़ की महापौर हरप्रीत कौर, जीबी रियलिटी के चेयरमैन गुरवींदेट भट्टी, हरियाणा के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सुमन सैनी, भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की उपाध्यक्ष बन्तो कटारिया, सामाजिक समरसता उत्तर क्षेत्र के प्रमोद कुमार और महामंडलेश्वर सोनाक्षी जी महाराज, गौरव गौतम, खेल मंत्री हरियाणा और चंडीगढ़ पुलिस के आईजी पुष्पेंद्र कुमार, चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी, स्वामी रमणीक जी महाराज, वागीश स्वरूप स्वामी, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जस्टिस जगमोहन बंसल, पूर्व हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता, एसएसपी चंडीगढ़ कंवरदीप कौर, रोशन लाल जिंदल, जगदगुरु स्वामी विकास दास महाराज, महा मंडलेश्वर मां कमली माई, मां कमलीनंद गिरि महाराज, डॉक्टर दिनेश गर्ग, काशी विद्युत परिषद के कोषाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता रमणीक महाराज आदि मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे।

