संवाद साहित्य मंच और आचार्यकुल चंडीगढ़ ने किया समीक्षा चर्चा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन
CHANDIGARH, 17 APRIL (ANewsoffice): संवाद साहित्य मंच एवं आचार्यकुल चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज सेक्टर-43 के कम्युनिटी सेंटर में एक साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध कवि एवं शायर आरके भगत के नवप्रकाशित काव्य संग्रह ‘मिलेगी न जिंदगी दोबारा’ का विधिवत विमोचन किया गया। इस दौरान काव्य संग्रह को लेकर समीक्षा चर्चा और काव्य गोष्ठी भी आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. सौभाग्य वर्धन बृहस्पति उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रिंसिपल बहादुर सिंह गोसल ने शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्षद श्रीमती प्रेमलता और प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं आचार्यकुल चंडीगढ़ के अध्यक्ष केके शारदा ने की। कार्यक्रम का संचालन शायर डॉ. संगीता शर्मा कुंद्रा ‘गीत’ ने किया। प्रो. पल्लवी रामपाल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कवि आरके भगत ने अपनी रचना प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए अपनी चुनिंदा कविताओं का भावपूर्ण पाठ किया। मुख्य अतिथि प्रो. बृहस्पति ने अपने संबोधन में कहा कि कवि आरके भगत ने जीवन के विभिन्न पहलुओं को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ अपनी रचनाओं में अभिव्यक्त किया है। उनकी कविताएं और ग़जलें आम जनमानस के जीवन से गहराई से जुड़ी हुई हैं। साहित्यकार प्रेम विज ने कहा कि यह काव्य संग्रह केवल रचनाओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन के विविध रंगों, विरोधाभासों और अनुभवों का सजीव प्रतिबिंब है।
‘ डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि आरके भगत की रचनाओं में सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदनाएं और गहन चिंतन स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते हैं। कार्यक्रम में अजय भगत एवं राज विज ने भी अपने विचार सांझा किए। इस अवसर पर कवि आरके भगत की धर्मपत्नी सुदेश, बहू संध्या, पौत्र ध्रुव एवं पौत्री टीना भी उपस्थित रहीं। काव्य गोष्ठी में नीना सैनी, विमला गुगलानी, किरण आहूजा, डॉ. शशि प्रभा, डॉ. प्रज्ञा शारदा, सुरिंदर कुमार, प्रो. पल्लवी रामपाल, कर्म सिंह ‘वकील’, बीडी ठाकुर, ललिता पुरी एवं डॉ. संगीता शर्मा कुंद्रा ‘गीत’ ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।

