चंडीगढ़ में भी पंजाब की तर्ज पर निजी स्कूलों की फीस वृद्धि अधिकतम 5% तक सीमित की जाए: शादाब राठी

प्रशासक से की मांग: एक ही स्कूल में लगातार पढ़ रहे विद्यार्थियों से हर साल दोबारा एडमिशन फीस या री-एडमिशन शुल्क लेने पर भी लगाई जाए रोक

CHANDIGARH, 13 JULY (ANewsoffice): आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ के माइनॉरिटी विंग के प्रदेश अध्यक्ष एवं समाजसेवी शादाब राठी ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से अपील की है कि पंजाब की तर्ज पर चंडीगढ़ में भी निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए। शादाब राठी ने आज एक बयान जारी कर कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद अब पंजाब के निजी स्कूल सालाना अधिकतम 5% तक ही फीस बढ़ा सकेंगे। यह फैसला लाखों अभिभावकों को राहत देने वाला है। इसी प्रकार चंडीगढ़ के विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी समान राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के कई निजी स्कूल हर वर्ष 8% और उससे भी अधिक फीस बढ़ा देते हैं, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है।

इतना ही नहीं, कई स्कूल एक ही संस्थान में लगातार पढ़ रहे बच्चों से भी हर साल एडमिशन फीस या अन्य नामों से अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं, जो अभिभावकों के साथ अन्याय है। शादाब राठी ने प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मांग की है कि चंडीगढ़ में भी निजी स्कूलों की वार्षिक फीस वृद्धि अधिकतम 5% तक सीमित की जाए। एक ही स्कूल में लगातार पढ़ रहे विद्यार्थियों से हर साल दोबारा एडमिशन फीस या री-एडमिशन शुल्क लेने पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा निजी स्कूलों की फीस और अन्य शुल्कों की निगरानी के लिए प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवा का माध्यम है, व्यापार का नहीं। हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा मिलना उसका अधिकार है। चंडीगढ़ प्रशासन को अभिभावकों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगानी चाहिए।

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