कहा- नए वेंडिंग जोन किसी भी स्थिति में संगठित बाजारों, रिहायशी क्षेत्रों के भीतर अथवा उनके निकट स्थापित नहीं किए जाने चाहिए
CHANDIGARH, 10 JULY (ANewsoffice): चंडीगढ़ नगर निगम आयुक्त एवं टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) के अध्यक्ष अमित कुमार की अध्यक्षता में हुई टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में उद्योग व्यापार मंडल (UVM) चंडीगढ़ के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन एवं सचिव नरेश कुमार गोयल, जो टाउन वेंडिंग कमेटी के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं, ने शहर में प्रस्तावित नए वेंडिंग जोन के संबंध में विस्तृत आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत किए। उद्योग व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि संगठन स्ट्रीट वेंडर्स के आजीविका के अधिकार का पूर्ण सम्मान करता है किंतु उनका पुनर्वास सुनियोजित एवं संतुलित ढंग से किया जाना चाहिए, ताकि स्ट्रीट वेंडर्स, स्थायी व्यापारियों तथा आम नागरिकों के हितों के बीच संतुलन बना रहे। बैठक के दौरान कैलाश चंद जैन ने सुझाव दिया कि नए वेंडिंग जोन स्थापित करने से पहले वर्तमान वेंडिंग जोन को पूरी तरह विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि पहले से अधिसूचित वेंडिंग जोन में पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा वहां उपलब्ध सभी खाली पड़ी वेंडिंग साइटों पर पात्र स्ट्रीट वेंडर्स का प्राथमिकता के आधार पर आवंटन किया जाए। इसके उपरांत ही नए वेंडिंग जोन स्थापित करने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नए वेंडिंग जोन स्थापित करना आवश्यक हो तो उन्हें संगठित बाजारों एवं आवासीय क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी पर ऐसे उपयुक्त स्थानों पर विकसित किया जाए, जहां यातायात, पार्किंग, व्यापारिक गतिविधियों तथा स्थानीय निवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नए वेंडिंग जोन किसी भी स्थिति में संगठित बाजारों अथवा रिहायशी क्षेत्रों के भीतर अथवा उनके निकट स्थापित नहीं किए जाने चाहिए। जैन ने यह भी सुझाव दिया कि नए वेंडिंग जोन स्थापित करने से पूर्व स्ट्रीट वेंडर्स की पात्रता एवं परिभाषा की पुनः समीक्षा करते हुए पूरे शहर का निष्पक्ष एवं अद्यतन सर्वेक्षण कराया जाए, ताकि केवल वास्तविक एवं पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को ही योजना का लाभ मिल सके। बैठक में नरेश कुमार गोयल ने आग्रह किया कि व्यापारिक संगठनों, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशनों तथा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों द्वारा प्रस्तुत आपत्तियों एवं सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए तथा ऐसा कोई निर्णय न लिया जाए, जिससे चंडीगढ़ की सुव्यवस्थित नगर योजना, City Beautiful की पहचान, शहर की सुंदरता, यातायात व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।

