सेक्टर-34 में बड़ी संख्या में जुटे लोग, ज्ञापन सौंपा
CHANDIGARH, 1 APRIL (ANewsoffice): चंडीगढ़ में लगातार चरमराती बिजली व्यवस्था और बिजली की दरों में वृद्धि के खिलाफ आज आम आदमी पार्टी (AAP) ने सेक्टर-34 में चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही भाजपा के विरुद्ध भी नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने बढ़े हुए बिजली बिलों और CPDL की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार बढ़ती बिजली दरों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए ये बढ़े हुए बिल किसी बोझ से कम नहीं हैं। ऊपर से बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह चरमरा रही है। बिलों में गड़बड़ियां हैं। CPDL में शिकायतों की भी कोई सुनवाई नहीं होती। इस अवसर पर AAP नेताओं ने CPDL के अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा।

यह प्रदर्शन AAP के चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह के नेतृत्व में हुआ। इसमें AAP चंडीगढ़ के सीनियर ऑब्जर्वर गुरप्रीत सिंह जीपी, सीनियर लीडर प्रेम गर्ग, जीवन सिंह घई, अल्पसंख्यक विंग के प्रदेश महासचिव शादाब राठी, SC विंग के प्रधान देशराज सनावर, यूथ विंग के प्रधान एवं पार्षद रामचंद यादव, पार्षद योगेश ढींगरा,अजीत सिंह, योगेश सोनी, अभिमान यादव, राजेश चौधरी, रवि मणि, मीना शर्मा, मेवा लाल दलेर, एडवोकेट गगनदीप सिंह, जगपाल सिंह जग्गा (ग्रामीण प्रधान), मुनव्वर खान (पार्षद), शकील (माइनॉरिटी विंग के वाइस प्रेसिडेंट), हैप्पी, गुरप्रीत बाघेरी, कुलदीप कुमार, पीपी घई, महिला विंग की प्रधान सुखराज कौर संधू, गुरदेव यादव,विजय कुमार, गीता देवी, नीलम, सन्नी बैरवा, खुर्चा, अजीत, विक्रांत ए तंवर (स्टेट मीडिया इंचार्ज) एवं सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और भाजपा के खिलाफ तीखी नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ समय में बिजली दरों में लगातार वृद्धि की गई है। 2024-25 में टैरिफ बढ़ाए गए, 2025 में फिर इजाफा किया गया और अब 1 अप्रैल-2026 से दोबारा नए रेट लागू कर दिए गए हैं। पहले जहां 0-150 यूनिट तक सस्ता स्लैब मिलता था, उसे घटाकर 0-100 यूनिट कर दिया गया है, जिससे आम उपभोक्ता सीधे महंगे स्लैब में पहुंच रहा है। इसके अलावा पीक आवर्स (ToD) के नाम पर करीब 20% तक अतिरिक्त सरचार्ज लगाकर जनता की जेब पर सीधा हमला किया जा रहा है।

AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि मार्च महीने में हजारों उपभोक्ताओं को मात्र 15-20 दिनों के भीतर दो बार बिजली के बिल भेजे गए, जो सीधा डबल बिलिंग घोटाला है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही गरीब और मध्यम वर्गीय जनता के लिए एक महीने में दो बार बिल भरना बेहद कठिन हो गया है। इसके साथ ही जनवरी 2026 से हर महीने बिल भेजने का निर्णय लागू कर दिया गया, जिससे हर घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
AAP नेताओं ने कहा कि जिस चंडीगढ़ को 24 घंटे निर्बाध बिजली के लिए जाना जाता था, वहां अब रोजाना 2 से 6 घंटे तक के अघोषित पावर कट लग रहे हैं। निजीकरण से पहले जो व्यवस्था बेहतर थी, वह अब पूरी तरह चरमरा गई है। इसके अलावा ‘संड्री चार्जेज’ के नाम पर 8,000 से 22,000 रुपए तक के अतिरिक्त चार्ज बिना स्पष्ट जानकारी के बिलों में जोड़ दिए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के साथ धोखा है।
प्रदर्शन के दौरान योगेश ढींगरा (प्रवक्ता) ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि निजीकरण के बाद बिजली कर्मचारियों का भी शोषण सामने आया है। सैकड़ों कर्मचारियों को पेंशन और अन्य सर्विस लाभ नहीं मिल रहे हैं, एचआरए और अन्य भुगतान लंबित हैं, जिसके चलते मामला अदालतों तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति साबित करती है कि निजीकरण के बाद न सिर्फ आम जनता बल्कि कर्मचारी भी असुरक्षित हो गए हैं।
AAP नेताओं ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि लगभग 30,000 करोड़ रुपए की संपत्ति वाले मुनाफे में चल रहे बिजली विभाग को मात्र 871 करोड़ रुपए में निजी कंपनी को सौंपना सदी का सबसे बड़ा घोटाला है।
इस मौके पर AAP प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने कहा कि भाजपा ने चंडीगढ़ की जनता को एक निजी कंपनी का एटीएम बना दिया है। हर कुछ महीनों बाद बिजली के रेट बढ़ाए जा रहे हैं, हर महीने बिल भेजा जा रहा है और अब तो 15 दिन में दो बिल देकर जनता को लूटा जा रहा है। ऊपर से 6-6 घंटे के पावर कट ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हम साफ कहना चाहते हैं कि आम आदमी पार्टी बिजली कर्मचारियों के साथ खड़ी है। जिन कर्मचारियों ने वर्षों तक इस शहर को 24 घंटे बिजली दी, आज वही अपने हक के लिए अदालतों के चक्कर काट रहे हैं यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और भाजपा की नीतियों की विफलता को दर्शाता है।
उन्होंनेतुलना करते हुए बताया कि पड़ोसी राज्य पंजाब में आम जनता को बड़ी राहत दी जा रही है। पंजाब में घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है और 2026-27 के लिए बिजली दरों में ₹1 से ₹1.50 प्रति यूनिट तक की कटौती की गई है। जहां पंजाब में 0-300 यूनिट तक का बिल शून्य हो जाता है, वहीं चंडीगढ़ में 100 यूनिट के बाद ही महंगे स्लैब लागू कर लोगों से वसूली की जा रही है। AAP नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक जनता और कर्मचारियों को राहत नहीं मिलती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा और इसे पूरे शहर में जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।

